Delhi Police Close Case Against 15 Year Old Girl: नई दिल्ली से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली 15 साल की नाबालिग लड़की के खिलाफ दर्ज FIR पर आगे की कार्रवाई न करने का फैसला लिया है। पुलिस ने यह कदम प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सार्वजनिक रूप से बच्ची को माफ करने और समाज से भी उसे अपनाने की अपील के बाद उठाया है। इस फैसले ने न केवल एक कानूनी विवाद को समाप्त किया है, बल्कि सोशल मीडिया पर एक नई बहस भी छेड़ दी है।
यह पूरा मामला 23 जुलाई 2026 को शुरू हुआ था, जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के विरोध में छात्र और युवा प्रदर्शन कर रहे थे। इस प्रदर्शन के दौरान रुचिका सिंह नाम की एक 15 वर्षीय नाबालिग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करती दिखी। वीडियो वायरल होते ही इसकी तीखी आलोचना हुई और प्रधानमंत्री के संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोप में नोएडा पुलिस में जीरो FIR दर्ज कराई गई, जिसे बाद में दिल्ली पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया था।
जैसे-जैसे सोशल मीडिया पर यह मामला बढ़ा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस पर संज्ञान लिया और एक इंस्टाग्राम रील के जरिए अपना संदेश जारी किया। पीएम ने बड़े ही दार्शनिक अंदाज में कहा कि कभी-कभी दांतों तले हमारी जीभ आ जाती है और खून भी निकल आता है, लेकिन हम अपने दांत नहीं तोड़ते क्योंकि दांत भी हमारे हैं और जीभ भी हमारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भटके हुए बच्चों को अदालतों में घसीटने या सजा देने से परिस्थितियां नहीं बदलेंगी। पीएम ने बच्ची को माफ करते हुए कहा, "आओ बच्चों, हम देश के लिए साथ मिलकर आगे बढ़ें और अपनी गलतियों से सीखें"।
मामले की गंभीरता को समझते हुए नाबालिग लड़की ने भी एक नया वीडियो जारी कर अपनी गलती स्वीकार की और देशवासियों से माफी मांगी। उसने बताया कि उसकी उम्र महज 15 साल है और उसने दूसरों के बहकावे में आकर प्रधानमंत्री के खिलाफ वो शब्द कहे थे। बच्ची ने भावुक होते हुए कहा कि उसने जो किया वह माफी के लायक नहीं है, लेकिन यह उसकी पहली और आखिरी गलती है और वह अपने किए पर बेहद शर्मिंदगी महसूस कर रही है।
बच्ची की मां ने प्रधानमंत्री मोदी का हाथ जोड़कर धन्यवाद किया और कहा कि पीएम ने उनकी बेटी को नया जीवनदान दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री से FIR वापस लेने की जो गुहार लगाई थी, उसे स्वीकार कर लिया गया है। इसके साथ ही, उन्होंने एक महत्वपूर्ण मांग उठाते हुए कहा कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पूरी तरह बंद होने चाहिए ताकि कोई उन्हें गलत रास्ते पर न भटका सके। फिलहाल दिल्ली पुलिस ने इस केस को पूरी तरह बंद कर दिया है और अब बच्ची के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।