पीएम मोदी का काफिला, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
देश

दो गाड़ियों के काफिले में घर से निकले PM मोदी, पेश की बड़ी मिसाल; मंत्रियों ने भी घटाई कारों की संख्या

PM Modi Convoy: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेट्रोल-डीजल बचाने की अपनी अपील पर खुद अमल करते हुए बड़ी मिसाल पेश की है। वे कैबिनेट मीटिंग के लिए सिर्फ दो गाड़ियों के काफिले में पहुंचे।

अमन उपाध्याय

PM Modi Convoy Fuel Saving: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर अपने सरल आचरण और 'लीडिंग बाय एग्जांपल' की मिसाल पेश करते हुए सबको चौंका दिया है दरअसल, बुधवार को जब वे केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में शामिल होने के लिए अपने आवास से निकले तो सुरक्षा के बड़े तामझाम के बजाय उनका काफिला दर्जन भर से ज्यादा गाड़ियों से घटकर महज दो गाड़ियों तक ही सीमित नजर आया।

प्रधानमंत्री ने पेश की बड़ी मिसाल

कैबिनेट बैठक के लिए रवाना होते समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले में केवल दो वाहन शामिल थे। इनमें से एक कार में प्रधानमंत्री खुद अपने स्टाफ के साथ सवार थे, जबकि दूसरी गाड़ी में उनकी सुरक्षा में तैनात विशेष सुरक्षा समूह (SPG) के कमांडो मौजूद थे। प्रधानमंत्री की इस पहल को ईंधन की बचत की दिशा में एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। हाल ही में उन्होंने देशवासियों से पेट्रोल और डीजल के विवेकपूर्ण इस्तेमाल की अपील की थी और अब उन्होंने खुद इसे अपने जीवन में उतारकर एक मिसाल कायम की है।

हैदराबाद से की अपील

ईंधन बचाने की यह मुहिम प्रधानमंत्री ने रविवार को हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान शुरू की थी। वहां उन्होंने नागरिकों से अपील किया था कि देश के हित में पेट्रोल और डीजल की बचत करना बहुत ही जरूरी है। इसी के साथ उन्होंने भारतीयों से एक साल तक सोने की खरीद न करने की भी अपील की थी।

प्रधानमंत्री की इस अपील का असर

अब सरकारी तंत्र में भी दिखने लगा है। खबर है कि केंद्र सरकार के कई मंत्रियों और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या में कटौती कर दी है। इतना ही नहीं, सरकार अब अधिक से अधिक बैठकों को फिजिकल के बजाय ऑनलाइन मोड में करने पर जोर दे रही है ताकि यात्रा में खर्च होने वाले ईंधन को बचाया जा सके।

क्या महंगे होंगे पेट्रोल और डीजल?

प्रधानमंत्री के इस सादगी भरे कदम के पीछे आर्थिक संकेत भी छिपे हो सकते हैं। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि आने वाले दिनों में ईंधन के उपयोग पर कुछ पाबंदियां लग सकती हैं या कीमतों में इजाफा हो सकता है। इन कयासों को पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के उस बयान से और बल मिला है जिसमें उन्होंने कहा कि तेल की कीमतों को बहुत लंबे समय तक स्थिर रखना संभव नहीं है।

मंत्री के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण घरेलू पेट्रोलियम कंपनियों को रोजाना करीब 1000 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में प्रधानमंत्री का सिर्फ दो गाड़ियों में निकलना न केवल एक संदेश है बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए देश को मानसिक रूप से तैयार करने की एक कोशिश भी मानी जा रही है।

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