NPS Day | PFRDA 
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PFRDA की खास पहल, जानिए क्यों मनाया जाता है NPS दिवस, आपके लिए कितना है ये जरूरी

1 अक्टूबर को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली यानी NPS दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसे पेंशन फंड विनियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने 2021 में शुरू किया था। इस दिन का उद्देश्य पेंशन और सेवानिवृत्ति योजनाओं की महत्ता पर जागरूकता फैलाना है, ताकि देश के नागरिक रिटायरमेंट के बाद वित्तीय आत्मनिर्भरता सुनिश्चित कर सकें। पूरी जानकारी पाने के लिए पढ़ लीजिए इस आर्टिकल को अंत तक।

विकास कुमार उपाध्याय

नवभारत डेस्क : पेंशन फंड विनियामक और विकास प्राधिकरण यानी की PFRDA भारतीय निवासियों के बीच पेंशन और सेवानिवृत्ति योजना को प्रोत्साहित करने के लिए 1 अक्टूबर को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के रूप में मनाता है। पीएफआरडीए ने अपने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर इसके बारे में जागरूकता बढ़ाने का काम कर रहा है। ऐसे में आज के इस लेख में जानेंगे कि आखिर क्यों इस दिन के सेलिब्रेट करने की जरूरत पड़ी, और इससे जुड़े कई सारे खास बातों के बारे में जानने कि कोशिश करेंगे, जो आपके लिए बेहद करगर साबित हो सकते हैं।

क्यों मनाया जाता है NPS दिवस? 

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली यानी NPS दिवस हर साल 1 अक्टूबर को मनाया जाता है। बाता दें कि इसकी शुरुआत साल 2021 में पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) के द्वारा की गई थी। इस खास दिन को सेवानिवृत्ति यानी की रिटायरमेंट के बाद पेंशन स्कीम से जुड़ी वित्तीय आत्मनिर्भरता के महत्व को बताया जाता है। PFRDA का मकसद है कि इस अभियान से देश के सभी नागरिक अपने वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पेंशन फंड जरूर बनाएं।

PFRDA का लक्ष्य यह भी है कि इस अभियान को बढ़ावा देकर, प्रत्येक नागरिक अपने सुनहरे वर्षों में अपने स्वयं के वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पेंशन फंड बनाने के लिए प्रेरित हो। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) दिवस मनाने का मकसद साफ है कि भारत के सभी नागरिकों को पेंशन और सेवानिवृत्ति योजना के महत्व को समझाना ताकि रिटायरमेंट के बाद वित्तीय तौर पर आजादी हासिल कर सके।

NPS से जुड़ी कुछ खास बातें

आपको जानकारी के लिए बता दें कि साल 2004 में 1 जनवरी को सरकार ने एनपीएस की शुरुआत थी। शुरुआत में यह योजना सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के लिए सीमित थी, लेकिन साल 2009 में इसे सभी नागरिकों के लिए लागू कर दिया गया। एनपीएस के तहत, व्यक्ति अपने कामकाजी जीवन के दौरान पेंशन खाते में जमा करता है और रिटायरमेंट के बाद नियमित आय पाता है। एनपीएस स्कीम के तहत, कर्मचारी और नियोक्ता दोनों पेंशन के लिए योगदान करते हैं। एनपीएस में, 40% फंड मैच्योरिटी पर टैक्स फ्री हो जाता है, जबकि 60% फंड टैक्स योग्य होता है। इस स्कीम के जरिए अंशदाता की मृत्यु होने पर उसके परिवार को बीमा का लाभ दिया जाता है।

PFRDA ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल से पोस्ट कर दी ये जानकारी 

इस बार साल 2024 के NPS दिवस पर PFRDA ने खास थीम रखा है और प्रभावी पेंशन योजना के माध्यम से अपने भविष्य को सुरक्षित करने लोगों को जागरूक करने का काम कर रहा है। आपको बता दें कि 1 अक्टूबर 2024 को नई दिल्ली के अशोक होटल में "सेवानिवृत्ति को सुरक्षित करना: भारत के पेंशन परिदृश्य को बदलना" विषय पर एक सम्मेलन आयोजित कर रहा है।

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