पीएम मोदी के भाषण के दौरान विपक्ष ने किया वॉकआउट( सोर्स- सोशल मीडिया) 
देश

सदन में पीएम मोदी के भाषण के दौरान विपक्ष ने किया वॉकआउट, मल्लिकार्जुन खरगे ने लगाया गुमराह करने का आरोप

राज्यसभा में बुधवार को पीएम मोदी के संबोधन के दौरान विपक्ष के नेताओं ने भाषण का विरोध करते हुए वॉकआउट किया। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी पर उच्च सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि झूठ बोलना लोगों को गुमराह करना पीएम मोदी की आदत है।

शुभम पाठक

नई दिल्ली: राज्यसभा में बुधवार को पीएम मोदी के संबोधन के दौरान विपक्ष के नेताओं ने भाषण का विरोध करते हुए वॉकआउट किया। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी पर उच्च सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि झूठ बोलना लोगों को गुमराह करना पीएम मोदी की आदत है।

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर अपने जवाब के दौरान उच्च सदन को कुछ गलत बातें बताई। वॉकआउट के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर जमकर तंज कसते हुए कहा कि झूठ बोलना, लोगों को गुमराह करना और सच से परे बातें कहना पीएम मोदी की आदत है। मैंने उनसे सिर्फ इतना कहा कि आप संविधान के बारे में बात कर रहे हैं तो संविधान आपने नहीं बनाया। आप लोग उसके विरोध में थे।

आरएसएस पर कसा तंज

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि मैं सिर्फ यह यह स्पष्ट करना चाहता था कि कौन संविधान के पक्ष में हैं और कौन इसके खिलाफ हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 1950 में अपने संपादकीय में लिखा था कि संविधान के बारे में बुरी बात यह है कि इसमें भारत के इतिहास के बारे में कुछ नहीं है। उन्होंने संविधान का विरोध किया था। वे शुरू से ही इसके खिलाफ हैं और वे कहते हैं कि वे इसके पक्ष में हैं। आंबेडकर, नेहरू के पुतले जलाए गए थे। अब वे कह रहे हैं कि विपक्ष संविधान के खिलाफ हैं।

शरद पवार ने किया खरगे का बचाव

जानकारी के लिए बता दें कि मल्लिकार्जुन खरगे के बयान और विपक्ष के वॉकआउट का बचाव करते हुए एनसीपी प्रमुख पवार ने मांग की कि प्रधानमंत्री या राज्यसभा को उनका सम्मान करना चाहिए, क्योंकि वह संवैधानिक पद पर हैं। इसके साथ ही पवार ने कहा मल्लिकार्जुन खरगे संवैधानिक पद पर हैं। चाहे वह प्रधानमंत्री हों या सदन के सभापति, उनका सम्मान करना उनकी जिम्मेदारी है। लेकिन आज इस सबको नजरअंदाज कर दिया गया। इसलिए पूरा विपक्ष उनके साथ है और इसलिए हम बाहर चले गए। बता दें कि खरगे के साथ वॉकआउट करने वालों में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और एनसीपी के प्रमुख शरद पवार शामिल थे।

जयंती विशेष: गांधी जी ने की थी चोरी, फिर पिता को लिखी चिट्ठी; पढ़कर आंखों में आ गए थे आंसू

जयंती विशेष: गांधी जी ने क्यों चुना था वर्धा का सेवाग्राम? जानें साबरमती से सेवाग्राम तक की पूरी कहानी

Mahatma Gandhi Jayanti: महात्मा गांधी को करीब से समझना है तो पढ़ें ये 3 किताबें

जन्मदिन विशेष: जब सरोजिनी नायडू ने महात्मा गांधी को प्यार से पुकारा था मिकी माउस, जानिए वो मजेदार किस्सा

बंगाल में पूर्व जस्टिस इंद्रजीत चटर्जी ने की SIR ड्यूटी से हटने की मांग! पत्र में किया परेशानी का जिक्र