प्रतीकात्मक फोटो, सोर्स- AI टूल द्वारा डिजाइन 
देश

ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में विपक्ष, राहुल गांधी को न बोलने देने का आरोप

Parliament Session 2026: संसद बजट सत्र के बीच विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी की है। विपक्षी दलों का आरोप है कि सदन में उनकी आवाज दबाई जा रही है।

प्रतीक पाण्डेय

No Confidence motion against Om Birla: संसद के बजट सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चल रहा गतिरोध अब एक बड़े टकराव में बदल गया है। विपक्षी दलों ने एकजुट होकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना बनाई है। सूत्रों के अनुसार, विपक्षी दल इस बात से नाराज हैं कि उन्हें, विशेषकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को, सदन में बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा है।

संसद के गलियारों से बड़ी खबर आ रही है कि कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए लामबंद हो गए हैं। विपक्षी दलों के बीच इस प्रस्ताव को लेकर सहमति बन चुकी है और अब इस पर सदस्यों के हस्ताक्षर होने बाकी हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी पार्टी ने आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक रूप से इसकी घोषणा नहीं की है, लेकिन सदन के भीतर विपक्षी सांसदों का आक्रामक रुख इस ओर स्पष्ट इशारा कर रहा है।

सदन में भारी हंगामा: 5 मिनट में ही कार्यवाही स्थगित

सोमवार को बजट सत्र के नौवें दिन की शुरुआत बेहद हंगामेदार रही। सदन की बैठक शुरू होते ही स्पीकर ओम बिरला ने सबसे पहले अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम को बधाई दी, जिसका सभी सदस्यों ने मेजें थपथपाकर स्वागत किया। लेकिन जैसे ही प्रश्नकाल शुरू हुआ, कांग्रेस के सदस्य नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने देने की अनुमति मांगने लगे। हंगामा इतना बढ़ गया कि सदन की कार्यवाही शुरू होने के मात्र पांच मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष का आरोप है कि महत्वपूर्ण विषयों पर उन्हें बोलने से रोका जा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष नियोजित तरीके से सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है।

स्पीकर की दलील: 'प्रश्नकाल सांसदों का समय, नियमों से चलेगा सदन'

हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रश्नकाल के दौरान केवल प्रश्न पूछे जाते हैं और इस समय किसी अन्य विषय को उठाने की अनुमति नहीं दी जाती है। उन्होंने अपील की कि प्रश्नकाल सांसदों का अपना समय होता है और इसे बाधित नहीं किया जाना चाहिए। बिरला ने आश्वासन दिया कि बजट पर होने वाली चर्चा या शून्यकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष और अन्य सभी सदस्यों को आवंटित समय के अनुसार अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि सदन नियम और प्रक्रियाओं से चलता है और इसे नारेबाजी के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

बजट सत्र में बढ़ता गतिरोध और पुरानी तल्खी

संसद में यह तनाव केवल आज की घटना नहीं है। इससे पहले बजट सत्र के आठवें दिन (शुक्रवार) भी भारी हंगामे के कारण सदन को तीन बार स्थगित करना पड़ा था। राज्यसभा में भी विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के बीच तीखी बहस देखी गई थी। एक्सपर्ट्स की मानें तो विवाद की एक बड़ी वजह राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को लेकर भी है, जिन्होंने चुनावों से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। राहुल गांधी द्वारा बिट्टू को 'गद्दार' कहे जाने के बाद से ही सदन का माहौल काफी गर्म है। अब स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की चर्चाओं ने इस राजनीतिक खींचतान को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है।

कांग्रेस की एकला चलो नीति पर भड़के उद्धव ठाकरे! INDIA गठबंधन की बैठक में सुनाई खरी-खोटी, दी ये सलाह

CSR घाेटाला: महाराष्ट्र समेत 4 राज्यों के 8 ठिकानों पर ED की छापेमारी, फर्जी नेटवर्क का खुलासा

किसानों को मोदी कैबिनेट का बड़ा तोहफा, MSP में बढ़ोतरी की मंजूरी; ₹2.79 लाख करोड़ के पैकेज का ऐलान

पंजाब में चिट्टे पर गरमाई सियासत! शाह का मान पर वार, बोले- पंजाब को नशा मुक्त करके रहेंगे

उमर खालिद और शरजील इमाम को फिर झटका, दिल्ली हाई कोर्ट ने जमानत अर्जी की खारिज