Nitish Kumar Hijab Controversy: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़ा हिजाब विवाद अब थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले में अब दुनिया के बड़े शिया धर्मगुरु और ऑल इंडिया शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास की भी एंट्री हो गई है। उन्होंने सीएम नीतीश को एक भावुक पत्र लिखा है। मौलाना ने अपील की है कि नीतीश कुमार फौरन उस लड़की को बुलाकर बात करें और उसे नौकरी न छोड़ने के लिए समझाएं। उन्होंने कहा कि एक पिता की तरह पेश आकर मामले को सुलझाना चाहिए।
धर्मगुरु ने साफ तौर पर कहा कि वायरल वीडियो देखकर उन्हें गहरा अफसोस हुआ है। यह घटना नीतीश कुमार की अब तक की बनी बनाई सेकुलर और साफ-सुथरी छवि के बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने माना कि हाल के दिनों में मुख्यमंत्री की कुछ अजीबोगरीब हरकतों, जैसे किसी को भी माला पहना देना या सिर पर गुलदस्ता रख देना, की वजह से लोग उनकी नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठा रहे हैं। लेकिन उन्हें भरोसा है कि यह गलती अनजाने में हुई होगी, इसलिए इसका तुरंत समाधान जरूरी है ताकि उनकी साख बची रहे।
मौलाना सैफ अब्बास ने नीतीश कुमार को सलाह देते हुए कहा कि आज जिस तरह से यह विवाद पैदा हुआ है, उसे खत्म करने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की है। उन्होंने कहा कि नीतीश जी को चाहिए कि वे लड़की से सीधे संवाद करें और कहें कि मैं तुम्हारे पिता समान हूं, इसलिए नौकरी मत छोड़ो। मौलाना का मानना है कि अगर इस मामले का जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो नीतीश कुमार की छवि को भारी नुकसान पहुंचेगा। यह वक्त है जब उन्हें अपनी सेकुलर पहचान को साबित करना होगा और लड़की का भरोसा जीतना होगा।
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इस पत्र में धर्मगुरु ने मशहूर गीतकार जावेद अख्तर पर भी तीखा हमला बोला है, जिन्होंने इस विवाद पर टिप्पणी की थी। मौलाना ने कहा कि जावेद अख्तर इस्लाम के नियमों को नहीं मानते और सिर्फ नाम रखने से कोई मुसलमान नहीं हो जाता। उन्होंने कुरान का हवाला देते हुए कहा कि उसमें साफ लिखा है कि अपनी ओढ़नियों को सीने तक गिरा लो, जिसका मतलब चेहरा ढकना भी जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर चेहरा क्यों देखना है? इस्लाम की शिक्षाओं का पालन करना हर मुसलमान का अधिकार है और जावेद अख्तर को इसकी जानकारी होनी चाहिए।