बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मदरसा कार्यक्रम के दौरान (फोटो- सोशल मीडिया) 
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सेक्यूलर नीतिश बने संघी, मदरसा कार्यक्रम में टोपी पहनने से इनकार; कांग्रेस ले ली मौज

Bihar की राजधानी पटना में एक मदरसा कार्यक्रम में CM नीतीश कुमार ने टोपी पहनने से इनकार कर दिया। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद से इस पर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री की मौज ले ली।

सौरभ शर्मा

Nitish Kumar Topi Controversy News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर अलग वजह से चर्चा में आ गए हैं। राजधानी पटना में आयोजित एक मदरसा कार्यक्रम में उन्होंने मंच पर दी गई टोपी पहनने से इनकार कर दिया। वीडियो में साफ दिखता है कि जब उन्हें टोपी दी गई तो उन्होंने उसे अपने सहयोगी मंत्री जमा खान के सिर पर रख दिया। यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और कांग्रेस ने इसे राजनीतिक मुद्दा बना लिया। विपक्ष का कहना है कि नीतीश कुमार अब संघी राजनीति की ओर बढ़ रहे हैं।

नीतीश कुमार के इस कदम को एक बड़ा राजनीतिक संदेश समझकर भी देखा जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि पहले वे खुद कहते थे कि भारत के नेता को तिलक और टोपी दोनों पहनने चाहिए ताकि सबको समान संदेश मिले। लेकिन इस बार उनके इस व्यवहार को चुनाव से पहले का नया यू-टर्न बताया जा रहा है। बिहार युवा कांग्रेस ने उन पर तंज कसते हुए कहा कि चाचा की राजनीति अब नए रंग में दिख रही है, मंच पर टोपी का इनकार और पर्दे के पीछे संघी तालमेल।

टोपी से इनकार पर सियासी बवाल

मार्च में भी पटना के अणे मार्ग पर हुए इफ्तार कार्यक्रम में नीतीश बिना टोपी के नजर आए थे। वहां वे केवल अपने कंधों पर स्कार्फ या काफिया लपेटे हुए दिखाई दिए थे। अब मदरसा कार्यक्रम की यह घटना विपक्ष को एक और उसी तरह का मौका दे रही है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर नीतीश पर निशाना साधा और कहा कि उनका असली चेहरा अब सामने आ गया है।

चुनाव से पहले मुस्लिम वोटों पर नजर

जेडीयू हमेशा से नीतीश कुमार को धर्मनिरपेक्ष चेहरा बताकर मुस्लिम मतदाताओं पर भरोसा करती रही है। बिहार में मुस्लिम आबादी लगभग 18 प्रतिशत है और इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में यह विवाद भी एक नजरिये से अहम माना जा सकता है। उधर, इसी कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों का एक समूह बकाया वेतन को लेकर मुख्यमंत्री के खिलाफ प्रदर्शन करता दिखाई दे रहा वहीं बाद में नीतीश कुमार ने उनका ज्ञापन भी स्वीकार किया। यह घटनाक्रम चुनावी माहौल में सीधा असर भी डाल सकता है।

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