Swatantra Bhardwaj CJP Protest Controversy:दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हुए गाजियाबाद के संजय कुमार की बेटी निशु आजाद CJP नेताओं और समर्थकों के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचीं। निशु ने प्रदर्शन के दौरान अपने पिता पर हमला करने के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज पर कार्रवाई की मांग करते हुए नई एफआईआर दर्ज करने की मांग की। इस दौरान CJP प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका भी मौजूद रहे।
दरअसल, हाल ही में स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा था। वीडियो में भारद्वाज 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शनों को लेकर बात करते नजर आ रहा था। इस दौरान उनसे कहा कि प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति जिसका नाम संजय कुमार था, उसने उसके सिर पर डंडे से वार किया था। जिसके चलते संजय कुमार के सिर में चोट आई थी और सात टांके लगे थे। कानून के मुताबिक, उसके खिलाफ हाफ मर्डर के मुकदमा किया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। भारद्वाज ने वीडियो में यह भी दावा किया था कि अब उनके निशाने पर संजय कुमार की बेटी है, जो लगातार उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, स्वतंत्र भारद्वाज बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला है और यूपीएससी की तैयारी करने के लिए दिल्ली आया था। फिलहाल वह दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र है। भारद्वाज हाल ही में एक पॉडकास्ट में शामिल हुआ था। जहां उसने दावा किया कि उस पर दिल्ली के श्रम मंत्री कपिल मिश्रा और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का हाथ है। उसने वीडियो में महिला एंकर को अपना जुता दिखाते हुए कहा था कि आप जो जूता देख रहीं हैं यह दिल्ली पुलिस का जूता है। हम बिना फॉर्म भरे दिल्ली पुलिस बन कर चलते हैं, हमारे पास दिल्ली पुलिस की हर चीज है।
स्वतंत्र भारद्वाज ने इसी पॉडकास्ट में जंतर-मंतर पर हुई उस घटना का जिक्र किया। उसने कहा कि वह प्रदर्शन के वक्त वहां मौजूद था और प्रदर्शनकारियों को रोक रहा था। इस दौरान निशु आजाद नाम की कंटेंट क्रिएटर के पिता को उसने मारा, इस हमले से उनके सिर पर सात टांके आए। भारद्वाज ने कहा कि वह प्रदर्शनकारियों से साथ धक्का-मुक्की के दौरान जमीन पर गिर गया था। उससे उन्हें बहुत गुस्सा आया, क्योंकि अब बात उनकी इज्जत पर आ गई थी। इसलिए उसने निशु आजाद के पिता को मारा।
20 जुलाई की घटना के बाद से ही निशु आजाद अपने पिता के साथ हुई हिंसा को लेकर इंसाफ की मांग कर रही थी। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई थी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने जानबूझकर FIR में गंभीर धाराएं नहीं लगाईं, जो इस प्रकार के मामले में लगाई जानी चाहिए थी। वह लगातार नई FIR दर्ज कराने की कोशिश कर रही थी, लेकिन उसे इसमें कोई खास सफलता नहीं मिली।
इसी बीच स्वतंत्र भारद्वाज का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसमें भारद्वाज अपना गुनाह खुद कबूल कर रहा था। ऐसे में, निशु आजाद आज सीजेपी समर्थकों के साथ संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचीं। जहांं उसने पुलिस से अपने पिता के साथ हुई हिंसा के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। इस दौरान थाने के बाहर सीजेपी समर्थकों और पुलिस के बीच भारी तनाव देखने को मिला।
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान निशु के पिता संजय को पीटा गया। हम इंसाफ मांगते रहे। दिल्ली में अब हालात ऐसे हैं कि अपराधी खुलेआम जुर्म कबूल कर रहा है। लेकिन दिल्ली पुलिस ने BJP के कहने पर कोई एक्शन नहीं लिया। हम निशु और उसके पिता के साथ खड़े हैं। हम पुलिस से मर्डर केस दर्ज करने की मांग करेंगे।
वहीं, सौरव दास ने कहा कि एक नाबालिग है जो पहले दिन से ही हमारे प्रदर्शन से जुड़ी हुई है। उसके पिता, संजय भी उसके साथ आए हैं। जब हम शांति से धरना दे रहे थे, तभी एक अपराधी समूह के कुछ लोग हमारे प्रदर्शन में घुस आए और मारपीट करने लगे। FIR रजिस्टर होने के बाद, हम पुलिस पर दबाव बनाते रहे, यह कहते हुए कि यह मर्डर की कोशिश थी और इसमें संबंधित सेक्शन जोड़ा जाना चाहिए। हमने यह भी मांग की कि SC/ST एक्ट लगाया जाए क्योंकि वे एक दलित परिवार से हैं। इस मामले में जाति का एंगल भी है। लेकिन पुलिस ने ऐसा कोई एक्शन नहीं लिया। जब हमने पुलिस पर दबाव डाला, तो उन्होंने हमें कोर्ट जाकर ऑर्डर लेने को कहा।
वीडियो वायरल होने और विवाद बढ़ने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए सफाई दी है। भारद्वाज ने दावा किया कि उसने जो कुछ भी किया वह अपनी आत्मरक्षा के लिए किया। भारद्वाज ने कहा कि, जिसे लोग हमला कह रहे हैं, वह आत्मरक्षा का काम था। अगर मैंने आत्मरक्षा में काम नहीं किया होता, तो भीड़ मुझे लिंच कर सकती थी या मार सकती थी। उन पर हमला करने की कोई कोशिश नहीं हुई। मेरे पास वीडियो के रूप में सबूत हैं।
भारद्वाज ने आगे कहा कि, मुझे 10-15 लोगों ने घेर लिया था। जब मैंने आत्मरक्षा में काम किया, तो उनके सिर पर चोट लगी। दिल्ली पुलिस की मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें ज्यादा चोटें नहीं आईं। मैं चल रही जांच में सहयोग कर रहा हूं। राहुल गांधी और दूसरों द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा पॉडकास्ट क्लिप फेक है। जो लोग कह रहे हैं कि कपिल मिश्रा के असर से मुझे छोड़ा गया, मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि कपिल मिश्रा और चिराग पासवान मेरे भाई जैसे हैं। लोगों को समझना चाहिए कि जो कहा गया वह मजाक में था।