INDIA Bloc Jan Mahabhiyog Live Updates: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन शनिवार (31 अक्टूबर) को सांकेतिक ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम आयोजित करेगा। इस कार्यक्रम में विपक्ष के कई बड़े नेता शामिल होंगे। पहले यह कार्यक्रम शुक्रवार को होना था, लेकिन बारिश के कारण इसे टाल दिया गया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया था कि सभी नेता शनिवार को उसी जगह जुटेंगे, जहां शुक्रवार को कार्यक्रम होना था।
जन महाभियोग कार्यक्रम से जुड़े सभी बड़े अपडेट, विपक्षी नेताओं के बयान सबसे पहले जानने के लिए बने रहे लाइव ब्लॉग के साथ
आज इंडिया ब्लॉक की बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर छह आरोप लगाए गए।
चुनावों में धांधली की साजिश रचने का आरोप।
13.2 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप।
संसद की मंजूरी के बिना फॉर्म-6 में बदलाव करने का आरोप।
ECINET के जरिए मतदाता सूची पर कब्जा करने का आरोप।
दो अन्य चुनाव आयुक्तों को प्रक्रिया से बाहर रखने का आरोप।
मोदी और शाह के कहने पर काम करने का आरोप।
मॉक संसद में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, '2014 से सत्ता हासिल करने और उसे बनाए रखने के लिए हर संभव साजिश की गई है। उन्होंने सांसदों को खरीदा, राजनीतिक दलों को तोड़ा, सरकारों को गिराया और इलेक्टोरल बॉन्ड, ईडी और सीबीआई का उपयोग किया। अब ये वोटों की चोरी कर रहे हैं। हमारे पास वोटों की चोरी के सैकड़ों उदाहरण हैं। ज्ञानेश कुमार इस चोरी को इसलिए अंजाम दे पा रहे हैं क्योंकि 'मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023' लागू है। यह कानून दिसंबर 2023 में विपक्ष के 145 सांसदों को निलंबित करके पारित किया गया था। यह बेहद शर्मनाक और अपमानजनक है। यह कानून चुनाव आयुक्तों को जीवनभर के लिए सुरक्षा प्रदान करता है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने निवास पर जन-महाभियोग प्रस्ताव कार्यक्रम के दौरान मोदी सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि सीईसी से हमारा कोई व्यक्तिगत विरोध नहीं है, हम केवल निष्पक्ष चुनाव चाहते हैं। लेकिन सीईसी प्रधानमंत्री के निर्देशों पर काम कर रहे हैं। खरगे ने यह भी कहा कि आज वोट देने का अधिकार खतरे में है, और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हम पूरी ताकत लगाएंगे।
लोकतंत्र की रक्षा के लिए हम संघर्ष कर रहे हैं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने 'मॉक संसद' में कहा कि 'मतदान का अधिकार खतरे में है।'
कांग्रेस ने जन-महाभियोग कार्यक्रम और मॉक संसद शुरू हो गई है।
सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग कार्यक्रम पर शशि थरूर ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने खुद को चुनाव प्रक्रिया के निष्पक्ष अंपायर के रूप में अयोग्य साबित कर दिया है, और इसी संदेश को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि मेरी जानकारी के अनुसार, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के महाभियोग नोटिस को लोकसभा के अध्यक्ष या राज्यसभा के सभापति द्वारा स्वीकार नहीं किया गया है। इसी वजह से हमारे पास सार्वजनिक रूप से महाभियोग चलाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
कुछ ही समय में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन का जन-महाभियोग कार्यक्रम शुरू होने वाला है। खरगे के आवास पर इंडिया गठबंधन के कई सांसद, सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र नेता और SIR प्रभावित लोग पहले ही पहुंच चुके हैं। लगभग 20 दलों के नेता इस कार्यक्रम में अपनी बात रखेंगे। चार घंटे तक चलने वाले इस कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ताओं और SIR प्रभावित लोगों को भी अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। खरगे महाभियोग प्रस्ताव पेश करेंगे और राहुल गांधी समापन भाषण देंगे। राहुल गांधी के भाषण के बाद सांकेतिक महाभियोग प्रस्ताव पारित किया जाएगा।