N Rangasamy Sworn In As Puducherry CM: केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में आज सुबह 9.47 बजे एन. रंगासामी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। वे पांचवी बार राज्य के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। शपथ ग्रहण में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी उपस्थित रहेंगे। शपथ ग्रहण कार्यक्रम से सीएम रंगासामी, नितिन नवीन समेत अन्य नेता एयरपोर्ट से लोक भवन तक रोड शो भी करेंगे। 4 मई को पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे आए। नतीजों में केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के विधानसभा परिणामों में एन. रंगासामी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने प्रदेश की 30 में से 16 सीटें जीती थीं।
आज सुबह 9.47 बजे लोक निवास में उपराज्यपाल के कैलाशनाथन शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री रंगासामी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। रंगासामी का पुडुचेरी के मुख्यमंत्री के रूप में यह पांचवां कार्यकाल होगा।
4 मई को देश में 5 विधानसभा चुनाव के नतीजों में बीजेपी ने असम और पश्चिम बंगाल में अकेले ही पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आई, जबकि केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में एनडीए सत्ता में आई। तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय की आज विधानसभा में फ्लोर टेस्ट में अपना बहुमत साबित करेंगे। हालांकि, केरलम में अभी तक मुख्यमंत्री को लेकर संशय बना हुआ है। कांग्रेस गठबंधन ने राज्य की वामपंथ की सरकार को केरलम में बहुमत हासिल किया है। यह चुनाव भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से काफी सकारात्मक रहा। पश्चिम बंगाल के इतिहास में आजादी के बाद पहली बार बीजेपी सत्ता में आई। इसी तरह असम में बीजेपी लगातार तीसरी बार अपनी सरकार बना ली है। पुडुचेरी में ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस ने 12 विधायक, बीजेपी ने चार, अन्नाद्रमुक और लाचिया जननायगा काची के एक-एक विधायक हैं।
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में एन. रंगासामी पांचवी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। रंगासामी पेशे से वकील थे। वे अपने शांत और विनम्र स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। रंगासामी पार्टी शुरू करने से पहले कांग्रेस पार्टी के सदस्य थे, लेकिन पार्टी में चल रहे खींचतान के चलते 2008 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
इसके बाद फरवरी, 2011 में उन्होंने ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस के नाम से एक नई पार्टी का गठन किया। पार्टी गठन के बाद साल, 2011 के विधानसभा चुनावों में वे अपनी नई पार्टी के साथ चुनावी मैदान में उतरे।
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देश में मौजूदा समय में 3 केंद्र शासित प्रदेश ही ऐसे हैं, जहां विधानसभा चुनाव होते हैं।
अन्य केंद्र शासित प्रदेशों में जैसे- लक्षद्वीप, लद्दाख, चंडीगढ़, दादर और नगर हवेली और दमन और दीव, अंडमान और निकोबार में विधानसभा की व्यवस्था नहीं हैं। केंद्र सरकार यहां का प्रशासन देखता है।