इंफाल: मणिपुर में जारी हिंसा (Manipur Violence) के बीच मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह (N Biren Singh) के इस्तीफा देने की चर्चा तेज हो गई थी। वहीं, शुक्रवार (30 जून) को इंफाल में मुख्यमंत्री के आवास और गवर्नर हाउस के बाहर बीरेन सिंह के समर्थक जमा हो गए और उन्हें राज्यपाल से मिलने और अपना इस्तीफा देने से रोक दिया। समर्थकों से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दूंगा।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के समर्थक शुक्रवार को उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में जमा हुए और उन्हें राज्यपाल से मिलने और अपना इस्तीफा देने से रोक दिया। समर्थकों से मुलाकात के बाद सिंह ने ट्वीट किया, "मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दूंगा।"
https://twitter.com/NBirenSingh/status/1674727341052887041
इंफाल में मणिपुर के सीएम बीरेन सिंह के आवास के बाहर उनके समर्थन में लोग जमा हुए। मणिपुर के स्थानीय लोगों ने कहा, "हम नहीं चाहते कि सीएम इस्तीफा दें, उन्हें इस्तीफा नहीं देना चाहिए। वह हमारे लिए बहुत काम कर रहे हैं। हम सीएम को समर्थन दे रहे हैं।"
https://twitter.com/PTI_News/status/1674723019896356865
वहीं दूसरे स्थानीय ने कहा, "हम 2 महीने से उथल-पुथल की स्थिति में हैं। हम उस दिन का इंतजार कर रहे हैं जब भारत सरकार और मणिपुर सरकार इस संघर्ष को लोकतांत्रिक तरीके से हल करेगी। ऐसी स्थिति में अगर मणिपुर के सीएम इस्तीफा दे देते हैं, तो लोग कैसे रहेंगे यहाँ? हमारा नेतृत्व कौन करेगा? वह संघर्ष की शुरुआत से ही हमारा नेतृत्व कर रहे हैं। मैं नहीं चाहता कि वह इस्तीफा दें। हमें उन पर भरोसा है।"
https://twitter.com/ANI/status/1674718906433536000
एक शीर्ष मंत्री के अनुसार, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह आज अपना इस्तीफा सौंपने वाले थे, लेकिन जनता के दबाव के कारण उन्होंने अपना मन बदल लिया। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्री के अनुसार, बीरेन सिंह गवर्नर हाउस के लिए निकले, लेकिन उनके इंफाल बंगले के बाहर एकजुटता के भारी प्रदर्शन के बाद वे वापस लौट आए। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ ख़बरों में कहा गया है कि सीएम ने एक इस्तीफा पत्र टाइप किया था, लेकिन उनके समर्थकों ने उन्हें इसे फाड़ने के लिए मना लिया। यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।