नई दिल्ली: आज देश में कृष्ण जन्माष्टमी और दही हांड़ी का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया है। जैसा की हम सब जानते है भारत के हर राज्य में कृष्ण जन्माष्टमी को बड़े ही खास और अलग अलग तरीके से मनाया जाता है और दही हांडी भी फोड़ी जाती है। आपको बता दें की खासकर मुंबई और गुजरात में दही हांडी का नजारा बेहद ही खास होता है। जी हां हर साल यहां पर गोविंदा ऊंची दही हांडी फोड़ते हैं। आज यह त्यौहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है।
ऐसे में अब हम आपको बता दें कि कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव से पहले निर्भया महिला गोविंदा ने दही हांडी फोड़ने के लिए नई पहल की थी और ऐसा करने के पीछे उनका एक महत्वपूर्ण उद्देश्य भी था। दरअसल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए और महिला के खिलाफ होने वाले उत्पीड़न को रोकने के लिए जन्माष्टमी पर दही हांडी फोड़ने वाले हैं।
जी हां इस पावन पर्व पर महिला गोविंदा ने उत्पीड़न के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए काली मां का रूप धारण किया है। वो इस ही रूप में दही हांडी फोड़ने का अभ्यास भी किया हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, महिला गोविंदा पथक में करीब 80 लड़कियां हैं, जो इस साल दही हांडी में हिस्सा लेने वाली है। बता दें कि ये सारी लड़कियां पूरे तरीके से मार्शल आर्ट्स में प्रशिक्षित हैं।
आपको बता दें कि काली माता की रूप धारण की महिला गोविंदा मगर, इस पथक की सब से अलग बात यह है कि इसमें 10 साल की उम्र से लेकर 45 साल तक की महिलाएं हिस्सा ले रही हैं। इस महिला गोविंदा पथक का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के खिलाफ हो रहे जुल्म की मटकी तोड़ना है। वहीं, काली माता के रूप में महिला गोविंदा माता के तांडव के साथ 5 टोली बनाकर दही हांडी को तोडा है। ऐसे में अब इनका वीडियो सामने आया है।