मोहन भागवत (सोर्स- सोशल मीडिया) 
देश

हिंदू नहीं रहेंगे तो दुनिया नहीं रहेगी...मणिपुर में दहाड़े मोहन भागवत, बोले- हमने देखा सबका उदयास्त

Mohan Bhagwat in Manipur: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत मणिपुर के दौरे पर हैं। शुक्रवार को अपने भाषण में उन्होंने सभ्यता, समाज और देश की ताकत के बारे में बात की।

अभिषेक सिंह

RSS Chief Mohan Bhagwat: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत मणिपुर के दौरे पर हैं। शुक्रवार को अपने भाषण में उन्होंने सभ्यता, समाज और देश की ताकत के बारे में बात की। अपने भाषण के दौरान मोहन भागवत ने कहा कि हमने एक बेसिक सोशल नेटवर्क बनाया है जिसकी वजह से हिंदू समाज बचा रहेगा। क्योंकि अगर हिंदू नहीं रहेंगे, तो दुनिया नहीं रहेगी।

भागवत ने कहा कि हर किसी को हालात पर सोचना होगा। हालात आते-जाते रहते हैं। दुनिया के सभी देशों ने अलग-अलग हालात का सामना किया है। कुछ देश उनमें खत्म हो गए। ग्रीस, मिस्र और रोम सब यहां से खत्म हो गए, लेकिन हममें कुछ ऐसा है कि हमारा वजूद बना हुआ है।

'हिंदू नहीं रहेंगे, तो दुनिया नहीं रहेगी'

संघ प्रमुख ने कह कि भारत एक अमर समाज, एक अमर सभ्यता का नाम है। बाकी सब आए, चमके और चले गए। लेकिन हमने उन सभी का उत्थान और पतन देखा है। हम अभी भी हैं और रहेंगे क्योंकि हमने एक बेसिक सोशल नेटवर्क बनाया है। उसी की वजह से हिंदू समाज बचेगा। अगर हिंदू नहीं रहेंगे, तो दुनिया नहीं रहेगी। क्योंकि हिंदू समाज ही है जो समय-समय पर दुनिया को धर्म का सही मतलब और गाइडेंस देता है।"

'भारत में डूबा ब्रिटिश साम्राज्य का सूर्य'

मोहन भागवत ने कहा कि हर समस्या खत्म हो सकती है। नक्सलवाद का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यह तब खत्म हुआ जब समाज ने तय किया कि वह इसे और बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा, "ब्रिटिश साम्राज्य का सूरज कभी डूबता नहीं था। लेकिन भारत में उनका सूर्यास्त शुरू हो गया। हमने इसके लिए 90 साल तक कोशिश की। 1857 से 1947 तक हम सबने आजादी के लिए लड़ाई लड़ी। हमने उस आवाज को कभी दबने नहीं दिया। कभी यह कम हुई, कभी यह बढ़ी, लेकिन हमने इसे कभी दबने नहीं दिया।"

'आत्मनिर्भर होनी चाहिए अर्थव्यवस्था'

आत्मनिर्भर इकॉनमी पर ज़ोर देते हुए आरएसएस चीफ ने कहा कि देश को किसी पर भी निर्भर नहीं होना चाहिए। उन्होंने काह कि हमारी इकॉनमी पूरी तरह से आत्मनिर्भर होनी चाहिए। हमें किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

भागवत ने आगे कहा कि हमारे पास आर्थिक क्षमता, मिलिट्री क्षमता और ज्ञान की क्षमता होनी और बढ़नी चाहिए। हमारा लक्ष्य देश को सुरक्षित और खुशहाल रखना होना चाहिए और यह पक्का करना चाहिए कि कोई भी नागरिक दुखी, गरीब या बेरोज़गार न रहे। सभी को देश के लिए काम करना चाहिए और खुशहाल ज़िंदगी जीनी चाहिए।

POWERGRID Vacancy 2026: अप्रेंटिस के 270 पदों पर भर्ती, 25 अगस्त से आवेदन शुरू; जानें योग्यता व स्टाइपेंड

आज की ताजा खबर 22 अगस्त LIVE: पटना में PhD छात्रों का विरोध प्रदर्शन; दिल्ली में बीजेपी की आज तीन अहम बैठकें

अखिलेश यादव ने गिनाए परिवारवाद के फायदे, बताया- आखिर क्यों नहीं टूटी समाजवादी पार्टी

महाराष्ट्र में होगा जंतर मंतर से बड़ा आंदोलन! कांग्रेस सांसद का बड़ा दावा, बोलीं- हम जेल भी जाने को तैयार हैं

वंदे मातरम् पर BJP का बड़ा वार, कांग्रेस के 1937 वाले फैसले के खिलाफ पारित किया प्रस्ताव