कांग्रेस से निष्कासित पूर्व विधायक मोहम्मद मुकीम, फोटो- सोशल मीडिया 
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राहुल गांधी से 3 साल से नहीं मिल पाए उनके ही MLA, पार्टी ने निकाला तो कही ये 2 बड़ी बातें

Mohammed Moquim: कांग्रेस से निष्कासित पूर्व विधायक मोहम्मद मुकीम ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाए, जिसमें खरगे की उम्र और राहुल गांधी से अलगाव शामिल था।

प्रतीक पाण्डेय

Mohammed Moquim expelled from Congress: कांग्रेस ने ओडिशा के पूर्व विधायक मोहम्मद मुकीम को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में बाहर कर दिया है। निष्कासन से पहले, मुकीम ने सोनिया गांधी को एक पत्र लिखकर दावा किया था कि राहुल गांधी से 3 साल तक मुलाकात नहीं हो पाई और पार्टी का नेतृत्व भटक गया है।

ओडिशा के पूर्व विधायक मोहम्मद मुकीम को कांग्रेस ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाकर बाहर कर दिया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई, जब उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की उम्र सहित पार्टी के आंतरिक कार्यशैली पर कई मुद्दे उठाए थे। निष्कासन से पहले, मुकीम ने राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने दावा किया कि देश भर में कार्यकर्ताओं में भावनात्मक अलगाव है।

'भारी मन से लिख रहा हूं, 3 साल तक राहुल गांधी से नहीं मिल पाया'

मुकीम ने लिखा, "मैडम बहुत ही भारी मन से बता रहा हूं कि विधायक होने के बाद भी मैं करीब 3 सालों तक राहुल गांधी से नहीं मिल पाया।" उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई निजी शिकायत नहीं है, बल्कि यह स्थिति पूरे देश में फैले भावनात्मक अलगाव को दर्शाती है। उन्होंने पुराने दिनों को याद किया जब इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और आपके (सोनिया गांधी) नेतृत्व में कार्यकर्ताओं को सुना जाता था और प्रोत्साहित किया जाता था। मुकीम ने कहा कि अब बूथ कार्यकर्ता और जिला स्तरीय नेता खुद को अनसुना महसूस कर रहे हैं।

खरगे की उम्र पर सवाल और प्रियंका को नेतृत्व की मांग

मुकीम ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की उम्र (83 वर्ष) पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वह भारत के युवा वर्ग से जुड़ने में असफल रहे हैं, जो देश की आबादी का 65 फीसदी हिस्सा हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पार्टी अभी नहीं जागी, तो कांग्रेस की विरासत को खोने का जोखिम पैदा हो जाएगा। मुकीम ने दावा किया कि ज्योतिरादित्य सिंधिया, मिलिंद देवरा और हिमंत बिस्वा सरमा जैसे कई उभरते युवा नेता इसलिए पार्टी छोड़ गए क्योंकि उन्होंने खुद को उपेक्षित और नजरअंदाज महसूस किया।

उन्होंने सोनिया गांधी को सुझाव दिया कि वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी को केंद्रीय भूमिका में आकर प्रत्यक्ष और सक्रिय नेतृत्व संभालना चाहिए। उन्होंने सचिन पायलट, डी.के. शिवकुमार, ए. रेवंत रेड्डी और शशि थरूर जैसे नेताओं को पार्टी की मुख्य नेतृत्व टीम का आधार बनाने की भी मांग की।

हार का सिलसिला और आंतरिक लॉबिंग

मुकीम ने पत्र में कहा कि देश और ओडिशा में पार्टी की हालत चिंतित करने वाली, दिल दुखाने वाली और असहनीय है। उन्होंने ओडिशा में लगातार 6 हार और राष्ट्रीय स्तर पर एक के बाद एक 3 बड़े झटके लगने का उल्लेख किया। उन्होंने बिहार, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और कश्मीर की हार का जिक्र करते हुए कहा कि सिलसिलेवार गलत नतीजे और गुमराह नेतृत्व ने पार्टी को अंदर से कमजोर कर दिया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कई गंभीर नेता भाई-भतीजावाद, आंतरिक लॉबिंग और पहचान नहीं मिलने के कारण खुद को दूर महसूस कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई बड़े नाम पहले ही पार्टी छोड़ चुके हैं, और कई अन्य लोग दशकों की सेवा के बाद इस पर विचार कर रहे हैं। मुकीम ने यह भी दावा किया कि हजारों जमीनी स्तर के कांग्रेस कार्यकर्ता भ्रमित, हतोत्साहित और दिशाहीन महसूस कर रहे हैं।

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