PM Modi vs Rahul Gandhi: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अगले हफ्ते जर्मनी जाने वाले हैं। उनके इस दौरे पर रवाना होने से पहले ही सियासी बखेड़ा खड़ा हो गया है। भाजपा का कहना है कि राहुल संसद सत्र के बीच विदेश जा रहे हैं। इस पर कांग्रेस ने भी पलटवार करते हुए दावा किया कि पीएम मोदी के 85% विदेश दौर तभी होते हैं, जब संसद का सत्र चल रहा होता है।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी की किसी विदेश यात्रा को लेकर सियासी बखेड़ा खड़ा हुआ हो। जब भी राहुल विदेश यात्रा पर जाते हैं, तब भाजपा हमलावर हो जाती है और सवाल उठाती है। राहुल गांधी एक बार फिर विदेश दौरे पर जाने वाले हैं। वह 15 से 20 दिसंबर के बीच जर्मनी के दौरे पर रहेंगे। वहीं, संसद का सत्र 19 दिसंबर तक चलने वाला है।
राहुल गांधी 15 से 20 दिसंबर तक जर्मनी में रहेंगे। यहां वह इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान राहुल जर्मन सरकार के कई मंत्रियों से मुलाकात करेंगे। राहुल के दौरे पर इंडियन ओवरसीज कांग्रेस ने बताया है कि 17 दिसंबर को राहुल गांधी भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे। जहां इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा भी मौजूद रहेंगे।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के इस दौरे पर अब बीजेपी सवाल उठा रही है। सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि 'यह पहली बार नहीं है जब संसद सत्र के बीच में राहुल गांधी विदेश जा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष के रूप में उनकी कुछ जिम्मेदारियां हैं। लेकिन ऐसा लगता है कि जब से जनता नकार रही है, तब से उनकी लोकतंत्र या भारत के राजनैतिक सिस्टम में दिलचस्पी नहीं रही है।'
बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने राहुल गांधी को 'लीडर ऑफ पर्यटन' और विदेश नायक बताया। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी ने एक बार फिर वही किया, जिसमें वह सबसे अच्छे हैं। विदेश चले गए हैं।' भाजपा प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने आरोप लगाया कि जब राहुल गांधी विदेश जाते हैं तो उनकी आधिकारिक यात्राओं का कार्यक्रम शेयर नहीं किया जाता। तुहिन ने यह भी सवाल उठाया कि राहुल गांधी देश से क्या छिपा रहे हैं?
भाजपा के इन आरोपों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने दावा किया कि पीएम मोदी की 85% विदेश यात्राएं संसद सत्र के बीच हुई हैं। श्रीनेत ने पीएम मोदी की उन विदेश यात्राओं के बारे में बताया जो उन्होंने संसद सत्र के दौरान की थीं। उन्होंने एक्स पोस्ट में पीएम मोदी के दौरों की जानकारी भी दी है।
राहुल गांधी के विदेश दौरे पर भाजपा की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी जवाबी मोर्चा संभाला। प्रियंका गांधी ने कहा कि जब पीएम अपना आधा समय विदेश में बिताते हैं तो नेता प्रतिपक्ष के दौरे पर ही सवाल क्यों? वायनाड से कांग्रेस सांसद ने कहा कि 'मोदी जी अपना लगभग आधा समय देश के बाहर बिताते हैं। वे विपक्ष के नेता के विदेश दौरे पर सवाल क्यों उठा रहे हैं?'
राहुल गांधी आगामी जर्मनी दौरा भी शामिल कर लिया जाए तो इस साल उनकी 8 विदेश यात्राएं हो जाएंगी। इससे पहले वो 7 बार विदेशी दौरे पर जा चुके हैं। इस दौरान राहुल पर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल तोड़ने के आरोप भी लगते रहे हैं। इसके लिए सीआरपीएफ ने भी कांग्रेस अध्यक्ष को एक पत्र लिखा था।
2025 की शुरुआत में राहुल गांधी वियतनाम में थे। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर जब 7 दिन का शोक था, उसी दौरान 30 दिसंबर को राहुल वियतनाम चले गए थे। जिसे लेकर कांग्रेस नेता और उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने दावा किया था कि राहुल गांधी वियतनाम का इकॉनमिक मॉडल समझने के लिए गए हैं।
इसके बाद मार्च 2025 में राहुल गांधी एक बार फिर वियतनाम चले गए। वह 12 से 17 मार्च तक वियतनाम के दौरे पर रहे थे। भारतीय जनता पार्टी ने फिर इस पर सवाल उठाया और पूछा कि राहुल वियतनाम इतना क्यों जाते हैं? इस दौरान भी सियासी गलियारों में जमकर हंगामा देखने को मिला था।
इस साल सितंबर में CRPF ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को उनकी बिना बताए विदेश यात्राओं के बारे में एक चिट्ठी लिखी थी। इस चिट्ठी में राहुल गांधी की विदेश की बिना बताए यात्राओं का ब्यौरा था। जिसमें मार्च में वियतनाम, 17-23 अप्रैल तक दुबई, 11-18 जून तक कतर, 25 जून से 6 जुलाई तक लंदन और 4-8 सितंबर तक मलेशिया की यात्राएं शामिल थीं।
बिहार चुनावों के बीच 26 सितंबर को राहुल गांधी चार दक्षिण अमेरिकी देशों: ब्राजील, पेरू, चिली और कोलंबिया की यात्रा पर गए। यह यात्रा दो हफ़्ते से ज़्यादा चली। इस दौरान, चुनावों के समय उनकी विदेश यात्रा की उपयुक्तता को लेकर कांग्रेस पार्टी के अंदर भी असंतोष की फुसफुसाहटें थीं।
दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी अक्सर राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर सवाल उठाती है और जानना चाहती है कि उनकी यात्राओं के बारे में आधिकारिक जानकारी क्यों साझा नहीं की जाती है। भाजपा यह भी आरोप लगाती है कि राहुल गांधी विदेश में भारत की छवि खराब करने की कोशिश करते हैं।
इन आरोपों के जवाब में कांग्रेस पार्टी का कहना है कि राहुल गांधी हमेशा सकारात्मक चर्चाओं में शामिल होते हैं। कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने राहुल की दक्षिण अमेरिकी यात्रा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वह विदेश में भारत की छवि को नुकसान नहीं पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा, "राहुल हमेशा देश के बारे में सकारात्मक बात करते हैं, और वह लोकतंत्र के बारे में जो कह रहे हैं वह बिल्कुल सही है।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल 10 विदेश यात्राएं की हैं। PMO की वेबसाइट के अनुसार, पीएम मोदी ने इस साल 20 देशों का दौरा किया है। 10-14 फरवरी के बीच, पीएम मोदी फ्रांस और संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा पर गए। इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप के दोबारा चुने जाने के बाद ट्रंप और पीएम मोदी के बीच यह पहली मुलाकात थी।
इसके बाद उन्होंने 11-12 मार्च को मॉरीशस और 3-6 अप्रैल को थाईलैंड और श्रीलंका का दौरा किया। 22 अप्रैल को पीएम मोदी सऊदी अरब गए, लेकिन उसी दिन पहलगाम में एक आतंकवादी हमला हुआ। नतीजतन पीएम मोदी ने अपनी यात्रा छोटी कर दी और घर लौट आए।
15 से 19 जून के बीच पीएम मोदी साइप्रस, कनाडा और क्रोएशिया के दौरे पर थे। 2 से 9 जुलाई के बीच पीएम मोदी ने पांच देशों का दौरा किया। इस दौरान, उन्होंने घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया की यात्रा की। यह पीएम मोदी की अब तक की सबसे लंबी यात्रा थी, जिसमें उन्होंने आठ दिनों में पांच देशों का दौरा किया।
23 से 26 जुलाई तक पीएम मोदी ने यूके और मॉरीशस का दौरा किया। इसके बाद 28 अगस्त से 1 सितंबर तक उन्होंने जापान और चीन की यात्रा की। चीन में पीएम मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लिया। इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। तीनों नेताओं की एक साथ की तस्वीर ने दुनिया भर में हलचल मचा दी।
यह भी पढ़ें: कांग्रेस के ‘चाणक्य’ ने खोल दी BJP की पोल, संसद के सामने राजनाथ को किया शर्मसार, देखें मजेदार VIDEO
बीते महीने 11 और 12 नवंबर को पीएम मोदी ने भूटान का दौरा किया। हाल ही में 21 से 23 नवंबर तक पीएम मोदी ने दक्षिण अफ्रीका की यात्रा की। वह वहां G20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने गए थे। फिलहाल, साल खत्म होने में अभी 20 दिन बाकी हैं, लेकिन इस दौरान पीएम मोदी की कोई और विदेश यात्रा प्लान नहीं है।