सांकेतिक तस्वीर (सोर्स- सोशल मीडिया) 
देश

मुसलमानों पर मेहरबान मोदी सरकार? सीतारमण ने अल्पसंख्यकों के लिए खोला खजाना, आंकडे़ देखकर उड़ जाएंगे होश

Minority Budget 2026: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा बजट रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया। बजट में मोदी सरकार उदारता की झलक दिखाई दी।

अभिषेक सिंह

Union Budget 2026: मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा बजट रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया। बजट में मोदी सरकार उदारता की झलक दिखाई दी। जिसका मकसद युवाओं, महिलाओं और देश के अल्पसंख्यकों के चेहरों पर मुस्कान लाना था। केंद्रीय वित्त मंत्री ने अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के बजट में कोई कटौती नहीं की, बल्कि इसे बढ़ाया।

इस साल मोदी सरकार ने केंद्रीय बजट में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय को कुल 3400 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जबकि 2025 में यह 3395.62 करोड़ रुपये था। यह पिछले साल की तुलना में 4.38 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी है। मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय का बजट तेजी से बढ़ा है।

क्यों बढ़ा अल्पसंख्यकों का बजट?

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय को आवंटित 3400 करोड़ रुपये में से मोदी सरकार ने केंद्र प्रायोजित योजनाओं एवं परियोजनाओं के लिए 184.45 करोड़ रुपये दिए हैं, जबकि 2025 में यह 180.07 करोड़ रुपये था। यह 4.38 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी है। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के बजट में बढ़ोतरी में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए बढ़ोतरी भी शामिल है।

किस योजना को मिला कितना बजट?

वित्त मंत्री ने इस साल के बजट में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय को 3400 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिसमें मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं के लिए कुल 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान है। इसके अलावा, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के प्रमुख कार्यक्रमों में से एक 'प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम' के लिए 1197.97 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

'मोदीकाल' में लगातार बढ़ा है बजट

केंद्र में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से बजट साल-दर-साल बढ़ा है। 2026 में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय को 3400 करोड़ रुपये और 2025 में 3395.63 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। इससे पहले 2024 में मोदी सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय की शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए 3183.24 करोड़ रुपये आवंटित किए थे।

वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में मोदी सरकार ने मंत्रालय के लिए 3097.60 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव दिया था। हालांकि, रिवाइज्ड बजट में यह रकम घटाकर 2608.93 करोड़ रुपये कर दी गई थी। सरकार ने 2024-25 के बजट में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय को 3183.24 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव दिया है, जो पिछले आवंटन से 574.31 करोड़ रुपये ज़्यादा है।

पहले कार्यकाल से ही दिखी मेहरबानी

नरेंद्र मोदी के देश की सत्ता संभालने के बाद माना जा रहा था कि केंद्र सरकार अल्पसंख्यक मंत्रालय को ही खत्म कर देगी, किंतु मोदी सरकार ने ऐसा नहीं किया। पहले कार्यकाल में तो हर वर्ष अल्पसंख्यकों के बजट का आंकड़ा आज के बजट में मिली धनराशि से भी ज्यादा था। यही वजह है कि केंद्र सरकार द्वारा मिलने वाला बजट साल दर साल बढ़ता रहा।

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