प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कैबिनेट सोर्स- IANS
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मोदी कैबिनेट में जल्द बड़ा फेरबदल? 3 मंत्रियों के इस्तीफे से 12 पद खाली, युवाओं-महिलाओं को मिल सकती जिम्मेदारी

PM Modi Cabinet Reshuffle: भाजपा की नई टीम के गठन के बाद मोदी कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा तेज है। 12 खाली पदों पर युवाओं, महिलाओं और नए सहयोगी दलों को मौका मिलने की अटकलें लग रही हैं।

करुणा नंद शाहवाल

BJP Cabinet Expansion: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा नई संगठनात्मक टीम के गठन के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में संभावित फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि अगले कुछ महीनों में केंद्रीय मंत्रिपरिषद का विस्तार और पुनर्गठन हो सकता है। फिलहाल मंत्रिपरिषद में प्रधानमंत्री समेत 69 सदस्य हैं, जबकि संविधान के अनुसार अधिकतम 81 मंत्री बनाए जा सकते हैं, यानी 12 पद अभी खाली हैं।

हाल ही में तीन मंत्रियों के इस्तीफे के बाद इन रिक्तियों को भरने की संभावना भी जताई जा रही है। चर्चा यह भी है कि इस बार युवाओं और महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व मिल सकता है, वहीं कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में बदलाव या उन्हें हटाए जाने की अटकलें भी हैं। हालांकि, इन सभी संभावनाओं पर अभी तक केंद्र सरकार या भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है और फिलहाल यह राजनीतिक चर्चाओं व सूत्रों पर आधारित अटकलें हैं।

मोदी कैबिनेट में 12 पद खाली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल की शुरुआत में मंत्रिपरिषद में 65 प्रतिशत से अधिक मंत्री 51 से 70 वर्ष आयु वर्ग के थे, जबकि 31 से 50 वर्ष आयु समूह के मंत्रियों की हिस्सेदारी करीब 24 प्रतिशत थी। अब हाल के इस्तीफों के बाद संभावित कैबिनेट फेरबदल की चर्चा और तेज हो गई है।

हाल ही में धर्मेंद्र प्रधान, जॉर्ज कुरियन और रवनीत सिंह बिट्टू ने मंत्री पद से इस्तीफा दिया है। वर्तमान में मंत्रिपरिषद में 29 कैबिनेट मंत्री, 5 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 34 राज्य मंत्री हैं। प्रधानमंत्री समेत कुल सदस्यों की संख्या 69 है।

बता दें कि संविधान के अनुच्छेद 75(1A) के तहत केंद्र सरकार में अधिकतम 81 मंत्री हो सकते हैं। यानी फिलहाल 12 पद रिक्त हैं। हालांकि, फेरबदल केवल खाली पदों को भरने तक सीमित नहीं होगा चर्चा इस बात की भी है कि कितने मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी होगी और कितने नए चेहरों को मंत्रिमंडल में इंट्री मिलेगी।

चुनावी समीकरण के आधार पर हो सकता है फेरबदल

वहीं सूत्रों के मुताबिक, संभावित केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में केवल नए चेहरों की एंट्री ही नहीं, बल्कि कई मौजूदा मंत्रियों की विदाई भी हो सकती है। माना जा रहा है कि संगठन और सरकार के बीच नई जिम्मेदारियों को देखते हुए कुछ मंत्रियों की संख्या बदली जा सकती है।

इसी क्रम में हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली भाजपा और पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि पीयूष गोयल को भाजपा का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष भी नियुक्त किया गया है। वहीं, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और सामाजिक न्याय राज्य मंत्री बीएल वर्मा का राज्यसभा कार्यकाल नवंबर में खत्म हो रहा है।

वहीं फेरबदल में मंत्रियों के प्रदर्शन, आगामी कई राज्यों में विधानसभा चुनावों के राजनीतिक समीकरण और 2029 लोकसभा चुनाव की रणनीति को भी प्रमुख आधार बनाया जाएगा। ऐसे में कुछ राज्यों का प्रतिनिधित्व बढ़ने या घटने की भी संभावना जताई जा रही है।

मोदी कैबिनेट में बदलाव की अटकलें तेज

सूत्रों का कहना है कि नए सहयोगी पार्टी के नेताओं को भी मंत्रिपरिषद में जगह मिलने की संभावना है। DMK, NCP-SP, अकाली दल पे भी नजरें रखी जाएंगी की ये दल NDA में शामिल होंगे या नहीं। वहीं तृणमुल कांग्रेस( TMC) के बागी सांसदो से बनी एनसीपीआई (NCPI) से भी कुछ सांसदो तो मंत्री बनाए जाने को लेकर अटकलें लगाई रही हैं।

तो वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) से भाजपा में शामिल 7 राज्य सभा सांसदों में से किसी को भी आगामी पंजाब में होने बाले चुनाव के मद्देनज़र रखते हुए जगह दी जा सकती है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि शिवसेना को कैबिनेट का पद मिलने की संभावना है।

बता दें कि ऐसा इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि शिवसेना (UBT) के 6 सांसदों के भाजपा में आने से उसकी संख्या बढ़कर अब 13 पहुंच गई है। ऐसे में शिवसेना से श्रीकांत शिंदे के नाम की अटकलें तेज हो गई हैं।

युवाओं और महिलाओं को मिल सकता मौका

सूत्रों के अनुसार, संभावित मोदी मंत्रिमंडल फेरबदल में महिलाओं और युवा सांसदों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है। फिलहाल केंद्र सरकार में 14 मंत्रियों के पास एक से अधिक मंत्रालयों का प्रभार सौंपा गया है।

इनमें अमित शाह, जे.पी. नड्डा, शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल, एच.डी. कुमारस्वामी, पीयूष गोयल, ललन सिंह, प्रह्लाद जोशी, अश्विनी वैष्णव, ज्योतिरादित्य सिंधिया, गजेंद्र सिंह शेखावत, किरेन रिजिजू, मनसुख मांडविया और जी. किशन रेड्डी शामिल हैं।

किन राज्यों से आ सकते हैं नए चेहरे?

चर्चा यह भी किया जा रहा है कि फेरबदल के दौरान कुछ वरिष्ठ मंत्रियों का कार्यभार कम किया जा सकता है और उनकी जगह नए नेताओं को जिम्मेदारी दी जा सकती है।

जिसमें खासकर उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र से युवा सांसदों और महिला नेताओं को मंत्रिपरिषद में शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

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