विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास आराघची (Image- Social Media) 
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ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीय जहाजों के गुजरने की दी इजाजत, जयशंकर-अराघची के फोन कॉल में बनी बात

Iran News: एस जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच हुई फोन कॉल के बाद ईरान ने भारतीय तेल टैंकरों को रणनीतिक रूप से 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से गुजरने की मंजूरी मिल गई है।

अर्पित शुक्ला

Strait of Hormuz: भारत और ईरान के बीच उच्च‑स्तरीय कूटनीतिक बातचीत का असर स्पष्ट रूप से देखने को मिला है। भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास आराघची के बीच हुई वार्ता के बाद ईरान ने भारत‑झंडाधारी टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका, यूरोप और इज़राइल के जहाज अभी भी प्रतिबंधों और हमलों के खतरे का सामना कर रहे हैं।

कूटनीतिक सहमति के तुरंत बाद दो भारतीय टैंकर, ‘पुष्पक’ और ‘परिमल’, होर्मुज से सुरक्षित रूप से गुजरते हुए देखे गए। यह घटना उस समय महत्वपूर्ण संकेत देती है जब क्षेत्रीय तनाव के चलते कई देशों के जहाजों को गंभीर जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।

होर्मुज में बढ़ते हमलों के बीच राहत

यह राहत ऐसे समय आई है जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास हमलों की घटनाएं तेज हो गई थीं। कई विदेशी जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन हमले हो चुके हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा है।

ईरान की भू‑रणनीति

ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अमेरिका और उसके सहयोगियों के हित वाले तेल को होर्मुज से नहीं गुजरने देगा। ईरान का बयान था: “हम एक भी लीटर तेल को अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए नहीं जाने देंगे।” यह बयान दर्शाता है कि ईरान इस जलडमरूमध्य को रणनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है। होर्मुज पर नियंत्रण के जरिए ईरान वैश्विक ऊर्जा व्यवस्था पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है।

युद्ध और नाकेबंदी के बीच, भारत ने ईरान के साथ उच्च‑स्तरीय वार्ता कर अपने जहाजों को सुरक्षित मार्ग दिलाया। इससे यह साफ हो जाता है कि संकट के समय भी कूटनीति बेहद अहम भूमिका निभा सकती है।

US पर प्रतिबंध जारी

ईरान ने भारत को विशेष छूट दी है, ऐसे समय में जब अमेरिका, यूरोप और इजरायल से जुड़े जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने में कड़े प्रतिबंधों और जोखिम का सामना करना पड़ रहा है। भारत को दी गई यह रियायत साफ संदेश है कि भारतीय टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज से गुजर सकेंगे, जबकि अमेरिका, यूरोप और इजरायल से जुड़े जहाजों पर फिलहाल प्रतिबंध जारी रहेंगे।

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