मणिपुर में फिर भड़की जातीय हिंसा, दो लोगों की हत्या
सीएम आवास के बाहर शव रखने से स्थिति संवेदनशील
बेकाबू भीड़ को संभालने के लिए छोड़े गए आंसू गैस के गोले
Ethnic Violence Flares Up Again In Manipur: मणिपुर में जातीय हिंसा एक बार फिर उग्र होते नजर आ रहा है। मणिपुर के इंफाल ईस्ट और कांगपोकपी जिलों के सीमावर्ती इलाकों में संदिग्ध हथियारबंद उग्रवादियों ने दो लोगों की हत्या कर दी। हमले में मारे गए लोगों के शवों को लेकर आक्रोशित स्थानीय लोग मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के सरकारी बंगले के गेट के बाहर शव छोड़े जाने की घटना से माहौल तनावपूर्ण हो गया। राज्य में लगातार हो रही हत्याओं को लेकर जनता में भारी गुस्सा है।
यह घटना सुबह करीब 9:40 बजे इंफाल ईस्ट और कांगपोकपी जिलों की सीमा पर स्थित नोंगशुम, खोंगबाल थांगखुल इलाके में हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, संदिग्ध हथियारबंद बदमाशों ने लोगों के एक समूह पर हमला कर दिया, जो पहाड़ियों पर जलाऊ लकड़ी इकट्ठा करने गए थे। इस घटना में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। इस घटना में जान गंवाने वाले दो मैतेई पुरुषों की पहचान अरुबम रोनिल (35) और लैरेंलाकपाम इनाओबी (51) के रूप में हुई है।
दो लोगों की मौत के बाद सीएम युमनाम खेमचंद सिंह के सरकारी बंगले के बाहर शव छोड़े जाने की घटना ने प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती खड़ी कर दी। मौके पर जमा लोगों के आक्रोश को देखते हुए सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।
घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई। प्रशासन की प्राथमिकता स्थिति को और बिगड़ने से रोकना और शांति बनाए रखना है। फिलहाल, घटना से जुड़े अन्य पहलुओं और प्रशासन की आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है।
मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच मई 2023 से जारी जातीय संघर्ष ने राज्य की सुरक्षा और सामाजिक स्थिति को प्रभावित किया है। हिंसा के कारण बड़ी संख्या में लोगों को विस्थापन का सामना करना पड़ा, जबकि शांति बहाली के प्रयासों के बावजूद राज्य में तनाव की स्थिति चुनौती बनी हुई है।
ताजा घटना ने एक बार फिर राज्य में कानून-व्यवस्था और स्थायी शांति बहाली को लेकर चिंता बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री के सरकारी आवास के बाहर शव छोड़े जाने की घटना को लेकर लोगों की नाराजगी और सुरक्षा बलों की कार्रवाई ने मामले को संवेदनशील बना दिया है।
फिलहाल, मृतकों की पहचान, हत्या के कारणों और घटना में शामिल लोगों को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। आने वाले समय में प्रशासन की कार्रवाई और जांच से ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।