नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेकर की गई एक कथित टिप्पणी पर सियासत गरमा गई है। भाजपा ने इसे आदिवासी, दलित और महिला विरोधी बताते हुए तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि खरगे ने "मुर्मा जी" कहकर राष्ट्रपति का अपमान किया और उन्हें 'भूमाफिया' तक बता दिया। उन्होंने कांग्रेस पर आदिवासी विरोधी मानसिकता रखने का आरोप लगाया और तत्काल माफी की मांग की है।
भाटिया ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति पद पर बैठी आदिवासी महिला को अपमानित किया है। इससे पहले अधीर रंजन चौधरी ने उन्हें 'राष्ट्रपत्नी' कहा था और इसके साथ ही कांग्रेस नेता उदित राज ने भी विवादास्पद बयान दिया था। उन्होंने दावा किया कि यह कांग्रेस की सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है, जिसमें राष्ट्रपति को बार-बार निशाना बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि यह भारत की लोकतांत्रिक मर्यादा का उल्लंघन है।
‘खरगे की टिप्पणी कांग्रेस की मानसिकता उजागर करती है’ गौरव भाटिया ने मल्लिकार्जुन खरगे पर निशाना साधते हुए कहा, वह राष्ट्रपति मुर्मू को ‘मुर्मा जी’ और रामनाथ कोविंद को ‘कोविड’ बुलाते हैं। यह कोई जुबान फिसलने का मामला नहीं है, बल्कि सोच का प्रतिबिंब है। राष्ट्रपति जैसे गरिमामय पद के लिए इस तरह की भाषा निंदनीय है। क्या कांग्रेस को लगता है कि सिर्फ एक परिवार के सदस्य ही सर्वोच्च संवैधानिक पदों के योग्य हैं? उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के इशारे पर खरगे लगातार आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं। भाजपा के प्रवक्ता गौरव भाटिव के द्वारा राष्ट्रपति के लिए कांग्रेस के नेताओं के द्वारा की गई तमाम टिप्पणियों को लेकर बात सामने रखकर माफी की मांग की गई।
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भाजपा ने माफी की मांग को दोहराया
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पार्टी से स्पष्ट माफी की मांग करते हुए कहा कि यदि कांग्रेस नेतृत्व इस बयान से असहमत है तो उसे सार्वजनिक रूप से खंडन करना चाहिए। गौरव भाटिया ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू का अपमान न केवल एक व्यक्ति का, बल्कि भारत की सभी आदिवासी महिलाओं का अपमान है। उन्होंने चेताया कि देशवासी इस अपमान को कभी नहीं भूलेंगे और चुनावों में इसका जवाब देंगे।