Amit Shah Muslim IAS IPS Officer Claim: तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने गृहमंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महुआ मोइत्रा ने गृहमंत्री के मुस्लिम अधिकारियों से भेदभाव की बात का दावा किया है।
सांसद महुआ मोइत्रा ने अमित शाह को लेकर दावा किया है कि उनके पिछले पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान उन्होंने जान बूझकर मुस्लिम आईएएस और आईपीएस ऑफिसरों को अपने कार्यक्रम में शामिल नहीं होने दिया। इतना ही नहीं उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि कुछ सीनियर ऑफिसर को तो केंद्रीय मंत्री के सामने तक जाने से रोक दिया गया था। महुआ मोइत्रा ने ट्वीट कर आईएएस और आईपीएस एसोसिएशनों से इसका विरोध नहीं करने पर भी सवाल उठाएं है।
महुआ मोइत्रा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि नमस्ते आईपीएस एसोसिएशन और आईएएस एसोसिएशन बंगाल में मुस्लिम अधिकारियों को अमित शाह के आने पर भी एंट्री नहीं दी गई। CP सिलीगुड़ी वकार रजा को वेलकम लाइनअप से बैन कर दिया गया, DG STF जावेद शमीम को कहीं नहीं बुलाया गया, IAS खलील अहमद को मीटिंग से निकाल दिया गया। क्या आप इस घटिया सांप्रदायिक बकवास का विरोध नहीं करेंगे?
आपको बता दें कि गृहमंत्री अमित शाह पिछले महीने बंगाल दौरे पर गए थे। जहां उन्होंने घुसपैठ को लेकर कई सीनियर ऑफिसरों के साथ बैठक की थी। इस मीटिंग में देश के सीमावर्ती इलाकों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर कड़ी सुरक्षा के इंतजाम को लेकर बात हुई थी। सिलीगुड़ी कॉरिडोर को ही चिकन नेक भी कहा जाता है, जो भारत के सीमावर्ती इलाकों में सबसे अहम सुरक्षा का केंद्र माना जाता है।
सिलीगुड़ी कॉरिडोर जिसे चिकन नेक भी कहा जाता है, ये पश्चिम बंगाल में स्थित लगभग 22 किलोमीटर चौड़ा संकरा भूभाग है, जो भारत की मुख्यभूमि को उसके आठ पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ता है। सुरक्षा के लिहाज से ये भारत के लिए सबसे अहम हिस्सा माना जाता है। दुश्मन देशों द्वारा अक्सर चिकन नेक को भारत से अलग करने की चेतावनी दी जाती है, इसीलिए ये काफी सेंसेटिव इलाका माना जाता है।