भाजपा नेता माधवी लता  (सोर्स- सोशल मीडिया)
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भारतीय युवाओं को Gen-Z कहना गलत, BJP नेता माधवी लता ने बताई वजह, CM योगी को लेकर भी दिया बड़ा बयान

Uttar Pradesh BRICS Export 2026: माधवी लता ने भारतीय युवाओं को Gen-Z कहने पर सवाल उठाए। वहीं BRICS से जुड़े बाजारों में यूपी के उत्पादों की बढ़ती पहुंच ने प्रदेश की आर्थिक क्षमता को भी सामने रखा।

अक्षय साहू

Madhavi Latha Gen Z Statement: हैदराबाद में भाजपा नेता माधवी लता ने भारतीय युवाओं को जेन-जी कहकर संबोधित करने की आलोचना की। भाजपा नेता ने कहा कि भारत के युवाओं का इतिहास बलिदान और देशभक्ति से भरा है, इसलिए उन्हें जेन-जी लेबल से संबोधित करना उचित नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवा राज्य की तरक्की सुनिश्चित करेंगे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक और कार्यकाल के लिए समर्थन देंगे। 

माधवी लता ने मीडिया से बात करते हुए कहा, जेन-जी जो शब्द है यह भारत का नहीं है। हम बच्चों को ऐसा एक्स, वाई, जेड के नाम से नहीं बुलाते हैं। हम बच्चों को बड़े प्यार से बुलाते हैं। भारत के जो बच्चे हैं, जो युवा पीढ़ी हैं, जैसा हमारे राज्यपाल ने कहा है, वह जगन्नाथ रथ को भी आगे लेकर जाते हैं। मां की इच्छा को भी एक स्तर पर लाने के लिए स्वयं को न्योछावर करते हैं। भारत माता को स्वतंत्रता दिलाने में भगत सिंह जैसे युवा पीढ़ियों ने भी अपने जीवन को न्योछावर किया है।

युवाओं को जेन-जी कहकर संबोधित करना गलत

उन्होंने भारतीय युवाओं की क्षमताओं का उल्लेख करते हुए कहा, आईआईटी, एम्स जैसे बड़े-बड़े संसदीय संस्थानों से कई अक्लमंद और विद्यावान बच्चे बाहर निकलते हैं। आजकल वैज्ञानिक रूप में रॉकेट प्रक्षेपण भी कर रहे हैं, तो यह जेन-जी वाला शब्द कहीं ना कहीं हमारी युवा पीढ़ी को संबोधित करने के लिए सही नहीं है।

माधवी लता ने कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश की युवा पीढ़ी पर गर्व है। उन्होंने कहा, उत्तर प्रदेश के युवा चाहे किसी भी मजहब के हों, उन्हें पता है कि उत्तर प्रदेश के चुनाव में वे प्रदेश को दो कदम आगे ले जाने के लिए संपूर्ण न्याय करेंगे। फिर से योगी आदित्यनाथ को सीएम चुनेंगे और यह तय करके दिखा देंगे कि अगर उत्तर प्रदेश को कोई चला सकता है तो सिर्फ सीएम योगी ही चला सकते हैं।

ब्रिक्स समिट UP के उत्पादों ने लहराया परचम 

उत्तर प्रदेश को औद्योगिक विकास, निवेश और निर्यात के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने के प्रयासों के बीच ब्रिक्स व उसके सहयोगी देशों को प्रदेश से होने वाला निर्यात राज्य की आर्थिक क्षमता को रेखांकित कर रहा है। उपलब्ध निर्यात प्रोफाइल के अनुसार, उत्तर प्रदेश से ब्रिक्स सदस्य देशों और सहयोगी देशों को कुल ₹47,484 करोड़ का निर्यात किया गया है। यह प्रदेश के लगभग ₹2 लाख करोड़ के कुल निर्यात का 23.7 प्रतिशत है। इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों को ₹34,811 करोड़ तथा सहयोगी और पार्टनर देशों को ₹12,673 करोड़ का निर्यात शामिल है। 

उत्तर प्रदेश पहले से ही खाद्य उत्पादों, इलेक्ट्रिकल उपकरण, मशीनरी, परिधान, आभूषण, चमड़ा और अन्य औद्योगिक वस्तुओं का निर्यात कर रहा है। ब्रिक्स और सहयोगी देशों के साथ व्यापारिक संबंधों का विस्तार प्रदेश के छोटे, मध्यम और बड़े उद्यमों के लिए नए अवसर खोल सकता है।

11 सदस्य देशों, 10 सहयोगी देशों तक उत्पादों की पहुंच

ब्रिक्स समूह में वर्तमान में 11 सदस्य देश शामिल हैं। इनमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया शामिल हैं। इसके अतिरिक्त बेलारूस, बोलीविया, क्यूबा, कजाखस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम सहयोगी या पार्टनर देशों के रूप में शामिल हैं।

इन देशों में उत्तर प्रदेश के उत्पादों की पहुंच प्रदेश की निर्यात क्षमता और औद्योगिक विविधता को दर्शाती है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि उत्तर प्रदेश के निर्यातक केवल पारंपरिक बाजारों पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि एशिया, अफ्रीका, पश्चिम एशिया और लैटिन अमेरिका के उभरते बाजारों में भी अपनी जगह बना रहे हैं।

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