Kiren Rijiju Slams Opposition Women Reservation Bill: भारतीय संसद में महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में एक बड़ा झटका लगा है। लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका। सरकार इस अहम बिल के लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में नाकाम रही, जिसके चलते यह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ पाया।
इसको लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर सहयोग नहीं किया और राजनीतिक कारणों से इस बिल को पारित होने से रोका।
लोकसभा में मतदान के समय कुल 528 सांसद उपस्थित थे। संवैधानिक प्रावधानों के मुताबिक इस विधेयक को पारित करने के लिए दो-तिहाई बहुमत, यानी कम से कम 352 वोटों की जरूरत थी। लेकिन बिल के समर्थन में सिर्फ 298 वोट ही मिल सके, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया। आवश्यक बहुमत नहीं मिलने के कारण, काफी अहम और ऐतिहासिक माना जा रहा यह विधेयक पारित नहीं हो सका और कानून बनने से रह गया।
बिल के गिरते ही केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने का एक बड़ा और ऐतिहासिक मौका गंवा दिया है। रिजिजू ने नाराजगी जताते हुए कहा कि देश की महिलाओं को हक देने के इस बिल पर विपक्ष ने साथ नहीं दिया, यह बहुत खेद की बात है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने का अभियान रुकने वाला नहीं है और सरकार इसे जारी रखेगी।
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केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन को बताया कि संविधान का 131वां संशोधन विधेयक अकेला नहीं था, बल्कि इसके साथ दो अन्य अहम विधेयक भी जुड़े हुए थे केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक 2026 और परिसीमन विधेयक 2026। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये तीनों प्रस्ताव आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं और इन्हें अलग-अलग करके देखना संभव नहीं है।
रिजिजू ने कहा कि चूंकि मुख्य संशोधन विधेयक ही पारित नहीं हो सका, इसलिए उससे जुड़े अन्य दोनों विधेयकों पर भी आगे की कार्यवाही नहीं हो पाई और उन पर मतदान नहीं कराया जा सका।