कोलकाता: कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के दुष्कर्म-मर्डर केस को लेकर BJP ने जहां आज 12 घंटे का बंद बुलाया है। वहीं BJP का यह बंद करीब 100 प्रदर्शनकारी छात्रों को हिरासत में लेने के खिलाफ है।
जानकारी दें कि बीते 27 अगस्त को बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए थे। इन प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग थी कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की थी। प्रदर्शन को 'नबन्ना अभियान' नाम दिया गया था। विरोध प्रदर्शन के दौरान 100 से ज्यादा छात्र, 25 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए थे। नबन्ना, पश्चिम बंगाल सरकार का अस्थाई सचिवालय है, जहां मुख्यमंत्री, मंत्री और अफसर बैठते हैं। राइटर्स बिल्डिंग स्थित सचिवालय का अभी रेनोवेशन चल रहा है।
इधर सत्तारूढ़ TMC कांग्रेस ने दावा किया कि हड़ताल के आह्वान ने महिला चिकित्सक से कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या को लेकर लोगों की पीड़ा का फायदा उठाकर राज्य में अशांति फैलाने की "BJP की साजिश को उजागर कर दिया है।'' बंगाल सरकार ने बीते मंगलवार को राज्य की जनता से इस बंद में भाग नहीं लेने का आग्रह किया और कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि सुबह छह बजे से शुरू होने वाले बंद के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित न हो।
इस बाबत मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मुख्य सलाहकार अलपन बंदोपाध्याय ने कहा था कि, "सरकार बुधवार को किसी बंद की अनुमति नहीं देगी। हम लोगों से अपील करते हैं कि इसमें भाग नहीं लें। सामान्य जनजीवन अप्रभावित रहे, इसके लिए सरकार सभी कदम उठाएगी।''
उन्होंने कहा कि कि परिवहन सेवाएं यथावत संचालित होंगी और दुकानों, बाजारों तथा अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों से खुले रहने को कहा गया है। पुलिस ने 'नबान्न' की ओर बढ़ रही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया तथा आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया था। प्रदर्शनकारी इस महीने की शुरुआत में आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या के मद्देनजर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
BJP के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, '' हमें सुबह से लेकर शाम तक की आम हड़ताल का आह्वान करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, क्योंकि यह निरंकुश शासन लोगों की आवाज को अनसुना कर रहा है, जो मृत डॉक्टर बहन के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। न्याय के बजाय, ममता बनर्जी की पुलिस राज्य के शांतिप्रिय लोगों के साथ बर्बर व्यवहार कर रही है, जो केवल महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल चाहते हैं।''
आरजी कर अस्पताल की घटना के विरोध में BJP के अन्य आंदोलन कार्यक्रमों के बारे में जानकारी साझा करते हुए मजूमदार ने कहा कि पूर्व में घोषित 28 अगस्त के बजाय उनकी पार्टी 29 अगस्त को कोलकाता के एस्प्लेनेड इलाके में धरना शुरू करेगी। उन्होंने बताया कि 30 अगस्त को राज्य महिला आयोग के कार्यालय का घेराव कर इस पर बाहर से ताला लगा दिया जाएगा, जबकि छह सितंबर को चक्का जाम किया जाएगा।
इससे पहले दिन में, BJP के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा था कि , '' पुलिस ने नबान्न की तरफ शांतिपूर्ण मार्च करने वाले छात्रों पर बर्बर कार्रवाई की। अगर ममता बनर्जी की पुलिस शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शनकारियों के साथ इस तरह का व्यवहार करती है, तो हम (भाजपा) कल पूरे राज्य को ठप कर देंगे।'' भाजपा के बंद आह्वान पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने कहा, '' हम शुरू से ही कह रहे हैं कि छात्र संगठन ' छात्र समाज' द्वारा प्रायोजित नबान्न अभियान' को BJP का समर्थन प्राप्त है।''
(एजेंसी इनपुट के साथ)