रामोजी राव का जन्म 16 नवंबर 1936 को आंध्र प्रदेश के एक छोटे से गांव हनुमान जंक्शन में हुआ था। साधारण पृष्ठभूमि से उठकर खुद को उन्होंने एक महान उद्योगपति, पत्रकार और सृजनशील उद्यमी के रूप में स्थापित किया। उनका जीवन संघर्ष, संकल्प और नवाचारों से भरा रहा।
देश की अन्य महान हस्तियों के बारे में जानने के लिए लिंक पर क्लिक करेंरामोजी राव का पालन-पोषण एक साधारण किसान परिवार में हुआ। उनके शुरुआती दिन साधारण थे, लेकिन उनके भीतर असाधारण सपने थे। शिक्षा के प्रति उनका झुकाव और सोचने का अनोखा तरीका उन्हें दूसरों से अलग बनाता था। रामोजी हमेशा मानते थे कि ज्ञान और सही दृष्टिकोण से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा के दौरान ही पत्रकारिता और संचार माध्यमों में रुचि दिखाना शुरू कर दिया था।
उनकी सोच स्पष्ट थी कि जनता को सही और निष्पक्ष जानकारी देना और समाज को शिक्षित व जागरूक करना। इसी सोच ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखने और उसे नए आयाम देने के लिए प्रेरित किया। उनका मानना था कि पत्रकारिता कोई व्यवसाय नहीं है।
रामोजी राव ने 1974 में ईनाडु (Eenadu) नामक तेलुगु दैनिक समाचार पत्र की स्थापना की। यह सिर्फ एक अखबार नहीं, बल्कि एक क्रांति थी, जिसने आंध्र प्रदेश के हर घर तक सशक्त और निष्पक्ष पत्रकारिता पहुंचाई। उनकी रणनीति स्थानीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की थी, जिससे जनता खुद को इससे जुड़ा महसूस करे। ईनाडु ने बेहद कम समय में तेलुगु भाषी क्षेत्रों में व्यापक लोकप्रियता हासिल की और देश के सबसे बड़े क्षेत्रीय समाचार पत्रों में से एक बन गया।
उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि न केवल पत्रकारिता में बल्कि मनोरंजन उद्योग में भी थी। उन्होंने 1991 में रामोजी फिल्म सिटी की स्थापना की, जो विश्व की सबसे बड़ी फिल्म सिटी के रूप में गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है। रामोजी फिल्म सिटी न केवल फिल्म निर्माताओं के लिए एक प्रमुख स्थान है, बल्कि यह भारत के पर्यटन स्थलों में भी प्रमुख स्थान रखती है।
इसके अलावा, उन्होंने ईटीवी नेटवर्क (ETV Network) की शुरुआत की, जो कई भारतीय भाषाओं में चैनलों का संचालन करता है। यह नेटवर्क न केवल मनोरंजन बल्कि शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक बदलाव का भी माध्यम बना।
रामोजी राव की सोच उनके हर कार्य में झलकती है। वे मानते हैं कि मीडिया सिर्फ सूचना देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को सशक्त और जागरूक करने का एक जरिया है। उनका मानना है कि पत्रकारिता निष्पक्ष, सटीक और जिम्मेदार होनी चाहिए।
उनके नेतृत्व में ईनाडु और ईटीवी नेटवर्क ने डिजिटल युग के साथ तालमेल बिठाया और नवीन तकनीकों को अपनाकर अपने पाठकों और दर्शकों तक पहुंच बनाई। उनकी दूरदर्शिता और प्रबंधन कौशल के कारण उनका व्यवसाय हर बदलते दौर के साथ फलता-फूलता रहा।
रामोजी राव को उनके योगदान के लिए कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। पत्रकारिता और मीडिया में उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। उनके द्वारा स्थापित रामोजी फिल्म सिटी को भी विश्व स्तर पर ख्याति प्राप्त है।
रामोजी राव का जीवन एक ऐसी प्रेरणा है जो यह सिखाता है कि कैसे एक व्यक्ति अपने विचारों, संकल्प और मेहनत से समाज में बदलाव ला सकता है। उनके प्रयासों ने न केवल तेलुगु पत्रकारिता को नया रूप दिया, बल्कि भारतीय मीडिया उद्योग में नए मानक स्थापित किए।