Highlights
केरल के विधानसभा ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए प्रस्ताव पास किया
चुनाव आयोग की चयन समिति को फिर से गठित करने की मांग की गई
शनिवार को केरल के नेता विपक्ष पिनराई विजयन को हिरासत में लिया था
नए पैनल में पीएम, लोक सभा में नेता विपक्ष और देश के मुख्य न्यायधीश को शामिल करने की मांग
Jantar Mantar Protest: दिल्ली में निर्वाचन आयोग की कार्यशैली के खिलाफ प्रदर्शन के बीच केरल की विधानसभा ने बड़ा फैसला लिया है। इतिहास में पहली बार, केरल विधानसभा ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग वाला प्रस्ताव पारित किया है। केरल विधानसभा ने प्रधानमंत्री, नेता विपक्ष और देश की मुख्य न्यायाधीश को शामिल करके नए चुनाव आयोग की चयन समिति के गठन की मांग की है। साथ ही एसआईआर में कथित अनियमितताओं को दूर करने की बात कही गई है।
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने चुनाव आयोग पर उठ रहे सवाल को लेकर कहा कि हमारी चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और ईमानदारी से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। वोटर लिस्ट में बदलाव, योग्य मतदाताओं का नाम सूची से हटाए जाने और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर जताई गई गंभीर चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रस्ताव के जरिए कई मांगें रखी है।
वोट देने का अधिकार बहाल करें: स्पेशल इंटेंसिव रिविजन प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों को ठीक करने और सभी योग्य मतदाताओं के वोट देने के अधिकार को तुरंत बहाल करने की मांग की है, जिन्हें गलत तरीके से सूची से हटा दिया गया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाएं: प्रस्ताव में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने पर मांग की गई है
चयन प्रक्रिया में सुधार करें: विधानसभा ने चुनाव आयुक्तों की चयन समिति को फिर से गठित करने की मांग की है और इसमें प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल करने की बात कही है
केरल के सीएम वीडी सतीशन ने एक्स पर लिखा कि वोट देने का अधिकार हमारे लोकतंत्र की नींव है। किसी भी संस्था को हमारे नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने आगे कहा कि हमारा रुख बिल्कुल स्पष्ट है। वोट देने के अधिकार की रक्षा होनी चाहिए। संविधान का सम्मान होना चाहिए। लोकतंत्र बना रहना चाहिए। केरल स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए मजबूती से खड़ा है। ताकि संस्था की स्वतंत्रता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके।
कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की घोषणा के बाद 10 अक्टूबर को केरलम के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन ने प्रदर्शन के लिए दिल्ली पहुंचे थे। जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उनको हिरासत में लिया। वे माकपा के अन्य नेताओं के साथ नई दिल्ली में केरल हाउस के पास प्रदर्शन कर रहे थे। केरल के सीएम ने नेता विपक्ष के हिरासत में लिए जाने की निंदा की थी।