Highlights:
केरल के सबरीमाला मंदिर के लिए भेजे गए घी में हेराफेरी का मामला सामने आया।
11,000 लीटर मिल्मा घी में कथित हेराफेरी के मामले में ठेकेदार गिरफ्तार हुआ।
VACB के अनुसार, TDB को करीब ₹2.5 करोड़ का नुकसान हुआ।
Sabarimala Temple Milma Ghee Case: केरल के सबरीमाला मंदिर से बड़ी खबर सामने आई है। सबरीमाला मंदिर में पहुंचने वाले घी की हेराफेरी का मामला सामने आया है। केरल में, विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (VACB) ने एक ट्रांसपोर्ट ठेकेदार को गिरफ्तार किया है।
उस पर सबरीमाला मंदिर के लिए भेजे गए 'मिल्मा' (Milma) ब्रांड के 11,000 लीटर घी में हेराफेरी करने और उसकी जगह सस्ता घी भेजने का आरोप है। मिली जानकारी के अनुसार, इस हेराफेरी से त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) को लगभग 2.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान एस. एस. बिनु के रूप में हुई है, जिसे 2025 के तीर्थयात्रा सीजन के लिए सबरीमाला मंदिर तक घी पहुंचाने का ठेका दिया गया था। इस मामले में अब तक की यह पहली गिरफ्तारी है।
केरल हाई कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर के लिए घी की खरीद और क्वालिटी में कथित अनियमितताओं की जांच के आदेश दिए थे, जिसके बाद VACB की एक स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम ने मामले की जांच शुरू की। VACB की टीम ने शुक्रवार को पूछताछ के लिए बिनु को बुलाया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
आपको जानकारी दें, कि 'मिल्मा' केरल कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (KCMMF) का एक ब्रांड है। VACB के अनुसार, त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड ने भगवान अयप्पा के मंदिर में 'अरवना पायसम' (लाल चावल, गुड़ और घी से बनने वाला एक मीठा प्रसाद) तैयार करने के लिए बड़े पैमाने पर यह मिल्मा घी खरीदा था।
TDB ने बिना टेंडर मंगाए, सीधे पथानामथिट्टा स्थित मिल्मा डेयरी यूनिट को घी की आपूर्ति का ठेका दे दिया था। इसके बाद, घी को मंदिर तक पहुंचाने का काम बिनु को सौंप दिया गया। VACB का आरोप है कि सबरीमाला मंदिर के लिए भेजा जाने वाला असली घी तमिलनाडु की दो एजेंसियों को भेज दिया गया और उसकी जगह मंदिर में सस्ता घी पहुंचा दिया गया।
जैसे ही बात सामने आई तो जांचकर्ताओं को शक हुआ। जांचकर्ताओं को शक है कि बिनु ने नकली बिल के साथ फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया।
उसने असली घी की खेप को तमिलनाडु के ओड्डनचत्रम स्थित 'श्री वेंकटेश्वर ट्रेडर्स' और 'लियो ट्रेडर्स' को भेज दिया। VACB के अनुसार, बताया जा रहा है कि असली घी को हटाकर उसकी जगह सस्ता विकल्प इस्तेमाल करने से TDB को लगभग 2.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले की आगे की जांच चल रही है।