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केरल से सामने आई ADR की चौंकाने वाली रिपोर्ट, 70% विधायकों पर दर्ज हैं केस, आधे से ज्यादा करोड़पति

Kerala ADR Report: केरल के 132 विधायकों के विश्लेषण में 70 प्रतिशत पर आपराधिक मामले और 55 प्रतिशत के करोड़पति होने का खुलासा हुआ है। ADR की यह रिपोर्ट चुनावी सरगर्मी के बीच चिंताजनक तस्वीर पेश करती है

प्रतीक पाण्डेय

Kerala Assembly Elections 2026: केरल में विधानसभा चुनावों की घोषणा के साथ ही एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और केरल इलेक्शन वॉच की एक नई रिपोर्ट ने राज्य की राजनीति की ऐसी तस्वीर पेश की है जिसने सबको हैरान कर दिया है। सत्ता के गलियारों में बैठने वाले 132 विधायकों में से लगभग 70 प्रतिशत यानी 92 विधायक आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं।

इन विधायकों में से कई माननीयों पर ऐसे संगीन आरोप हैं जिन्हें सुनकर किसी का भी सिर चकरा जाए। चुनाव के इस माहौल में यह डेटा वोटर्स के लिए किसी आईने से कम नहीं है, जो लोकतंत्र में पारदर्शिता की मांग करता है।

हत्या और बलात्कार जैसे संगीन आरोप

ADR की रिपोर्ट में जो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई है, वह है अपराधों की गंभीरता। विश्लेषण किए गए कुल विधायकों में से 33 यानी करीब 25 प्रतिशत ने अपने हलफनामों में खुद स्वीकार किया है कि उन पर गंभीर आपराधिक मामले लंबित हैं। इनमें से दो विधायकों पर सीधे हत्या (आईपीसी की धारा 302) और तीन पर हत्या के प्रयास (धारा 307) जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं। इतना ही नहीं, तीन विधायकों ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों की भी घोषणा की है, जिनमें से एक मामला तो बलात्कार जैसे अपराध से संबंधित है।

पार्टियों के बीच मची 'अपराध' की रेस: 90% दागियों के साथ कांग्रेस टॉपर

जब हम पार्टी के आधार पर इन आंकड़ों को देखते हैं, तो कोई भी मुख्य दल इस दाग से अछूता नजर नहीं आता। रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिशत के लिहाज से कांग्रेस इस मामले में सबसे आगे है, जिसके 21 में से 19 विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, सत्ताधारी सीपीआई (मार्क्सवादी) के 58 में से 43 विधायकों यानी 74 प्रतिशत पर मुकदमे चल रहे हैं। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के भी 86 प्रतिशत विधायक इसी श्रेणी में आते हैं, जबकि सीपीआई के 44 प्रतिशत विधायकों पर केस दर्ज हैं।

करोड़पति और सबसे गरीब विधायक के बीच बड़ा अंतर

अपराध के साथ-साथ केरल की विधानसभा में धनबल का भी पूरा बोलबाला है। रिपोर्ट बताती है कि सूबे के आधे से ज्यादा यानी 55 प्रतिशत विधायक करोड़पति हैं। अगर सभी 132 विधायकों की संपत्ति को जोड़ दिया जाए, तो यह 363.78 करोड़ रुपये बैठती है, जिसका मतलब है कि हर विधायक औसतन 2.75 करोड़ रुपये की संपत्ति का मालिक है। केरल कांग्रेस (M), जेडी(एस) और एनसीपी जैसी पार्टियों के तो शत-प्रतिशत विधायक करोड़पति हैं। सबसे अमीर विधायक की बात करें तो कांग्रेस के मैथ्यू कुझलनादन 34 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति के साथ शीर्ष पर हैं। वहीं, इसके विपरीत सीपीआई (एम) के पीपी सुमोद सबसे कम संपत्ति वाले विधायक हैं, जिन्होंने महज 9.9 लाख रुपये की संपत्ति घोषित की है।

हालांकि आपराधिक मामलों और संपत्ति के बीच शिक्षा का स्तर कुछ राहत देता है। रिपोर्ट के अनुसार, केरल के 61 प्रतिशत विधायक स्नातक या उससे अधिक शिक्षित हैं, जबकि 36 प्रतिशत ने 5वीं से 12वीं तक की पढ़ाई की है। उम्र के लिहाज से देखें तो सदन में अनुभव का पलड़ा भारी है, जहां 70 प्रतिशत विधायक 51 से 80 साल के आयु वर्ग में आते हैं, जबकि युवाओं (25-50 साल) की हिस्सेदारी केवल 30 प्रतिशत है। इन सबमें सबसे चिंताजनक बात महिलाओं का कम प्रतिनिधित्व है; 132 के सदन में केवल 11 महिला विधायक हैं, जो कुल संख्या का मात्र 8 प्रतिशत है।

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