Arvind Kejriwal And Akhilesh Yadav (Source- Social Media) 
देश

शराब घोटोले से बरी हुए केजरीवाल...तो भड़क उठे अखिलेश यादव, फैसले को किसके लिए बताया 'नैतिक मृत्युदंड'?

Akhilesh Reaction On Arvind Kejriwal Release: शराब नीति घोटाला मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को रिहा कर दिया गया है। इस रिहाई पर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव का बड़ा बयान सामने आया है।

सजल रघुवंशी

Delhi Liquor Scam Case:  दिल्ली के शराब नीति घोटाला मामले में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत मिली है, जिसके बाद सपा मुखिया अखिलेश यादव का रिएक्शन सामने आया है।

आपको बता दें कि दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कथित शराब घोटाले के मामले में अरविंद केजरीवाल और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के साथ अन्य आरोपियों को दोष मुक्त करार दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल का एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें वह काफी ज्यादा भावुक नजर आए।

अरविंद केजरीवाल ने क्या कहा?

मीडिया से बात करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी के 5 लीडर को जेल में डाल दिया, सिटिंग CM को जेल में डाल दिया। 24 घंटे खबरें दिखाई जाती थीं कि केजरीवाल भ्रष्ट है, मैंने जिंदगी में सिर्फ ईमानदारी कमाई। मैं प्रधानमंत्री जी से अपील करता हूं कि देश में इतनी समस्याएं हैं, उन्हें दूर करके अच्छे काम करके सत्ता में आइए।

अखिलेश यादव का तीखा रिएक्शन

अरविंद केजरीवाल की रिहाई के बाद अखिलेश यादव का भी एक सोशल मीडिया पोस्ट सामने आया है। पोस्ट में अखिलेश यादव भाजपा पर निशाना साधते हुए लिखते हैं कि बीजेपी के लिए यह समाचार किसी 'नैतिक मृत्युदंड' से कम नहीं है।

आगे उन्होंने लिखा कि आज दिल्ली के लोकप्रिय पूर्व सीएम श्री अरविंद केजरीवाल जी के साथ सत्य और न्याय दोनों खड़े हैं। साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि आरोप कभी इतना बड़ा नहीं हो सकता कि वो सच को आच्छादित कर ले। आज हर ईमानदार आशा भरी साँस लेगा और भाजपा के समर्थक शर्म के मारे घोर आत्म-लज्जित हो रहे होंगे। भाजपा ने दिल्ली के निवासियों से विश्वासघात किया है।

ED और CBI अफसरों पर भड़के सौरभ भारद्वाज

अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को रिहाई मिलने पर आप नेता सौरभ भारद्वाज ने ईडी और सीबीआई को जमकर लपेटे में लिया। उन्होंने कहा कि ईडी और सीबीआई अफसरों को इंडिया गेट पर फांसी दे देनी चाहिए।

कोर्ट ने किस आधार पर किया बरी

इस केस में फैसला सुनाने वाले विशेष जज जस्टिस जितेंद्र सिंह ने सीबीआई को जमकर फटकार लगाई और कहा कि अपने आदेश में उन्होंने कहा कि जांच सीबीआई अपने आरोपों को आगे बढ़ाने के लिए कर्याप्त और ठोस सामग्री पेश करने में विफल रही, साथ ही कोर्ट ने अपने आदेश में CBI की जांच पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि चार्जशीट में गंभीर खामियां हैं और किसी भी गवाह या बयान से आरोप स्पष्ट रूप से साबित नहीं होते। अदालत ने कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड और सबूत आरोप तय करने के मानक पर खरे नहीं उतरते, इसलिए आरोप तय करने का कोई आधार नहीं बनता।

आपको कट्टर आतंकवादी मार देंगे, चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी; मंत्रालय को मिले पत्र से हड़कंप

एमपी BJP में हलचल के बीच नितिन नवीन से मिले CM मोहन यादव; कैबिनेट विस्तार समेत कई मुद्दों पर चर्चा के कयास

जीजा और उनकी पार्टी को हराएंगे पाठक जी के साले! पारिवारिक कलह ने बढ़ाई डिप्टी सीएम की मुश्किलें

लोगों ने कोशिश की... लेकिन हमारे और योगी जी के बीच कोई दिवार नहीं, सीएम वाले बयान पर केशव प्रसाद मौर्य की सफाई

Teachers Day पर DU पहुंचेंगे PM मोदी, SRCC में छात्रों से करेंगे संवाद, 5 सितंबर को लेकर तैयारियां तेज