K Kavitha Expelled From BRS: भारत राष्ट्र समिति की नेता और विधान परिषद सदस्य कल्वाकुंतला कविता (K. Kavitha) को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। के. कविता के पिता और पार्टी अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव ने उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी से निलंबित करने का फैसला लिया। पार्टी लाइन का उल्लंघन करने के आरोप में उन पर यह कार्रवाई की गई है।
तेलंगाना की राजनीति इन दिनों काफी उथल-पुथल भरी है। मुख्य विपक्षी दल भारत राष्ट्र समिति और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के परिवार में चल रही अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। के. कविता को आज, 2 सितंबर को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
बीआरएस ने ट्वीट कर इस फैसले की जानकारी दी। पोस्ट में लिखा है, "के. कविता को बीआरएस से निलंबित कर दिया गया है।" पार्टी नेतृत्व इस मामले को गंभीरता से ले रहा है क्योंकि पार्टी एमएलसी के. कविता के हालिया व्यवहार और चल रही पार्टी विरोधी गतिविधियों से बीआरएस पार्टी को नुकसान हो रहा है। पार्टी अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव ने के. कविता को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निलंबित कर दिया है।
दरअसल, हाल ही में के. कविता ने पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव पर पार्टी का भाजपा में विलय करने का गंभीर आरोप लगाया है। निलंबन से एक दिन पहले, के. कविता ने बीआरएस के भीतर खलबली मचा दी थी। उन्होंने खुले तौर पर पार्टी के सहयोगियों पर केसीआर की छवि खराब करने का आरोप लगाया था। इसके साथ ही के. कविता ने अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता टी. हरीश राव और पूर्व सांसद मेघा कृष्ण रेड्डी तथा अपने पिता पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इसके बाद से आंध्र प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही थीं।
राजनैतिक हलकों में चर्चा है कि के कविता ने लेटर के जरिए सच्चाई बयां कर दी थी। बीआरएस के शीर्ष नेतृत्व बीजेपी के साथ गठबंधन का प्लान कर रहा है। इसके लिए बीजेपी ने भी कई तिकड़म भिड़ाए हैं।
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के कविता ने 23 मई को आंध्र के पूर्व सीएम और अपने पिता के. चंद्रशेखर राव को 6 पन्नों का पत्र लिखा था। जिसमें उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रति 'नरम' रुख ने गलत संकेत दिए हैं। जिसके चलते यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि बीआरएस भविष्य बीजेपी में विलय कर सकती है। इसके अलावा बीआरएस प्रमुख कविता की हालिया टिप्पणियों से नाराज़ थे और अब उन्होंने उनके खिलाफ कार्रवाई की है।