मंडी: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में मानसून की बारिश ने तबाही मचा दी है, लेकिन इससे जुड़ा सियासी तापमान भी लगातार चढ़ रहा है। बीजेपी सांसद कंगना रनौत के मंडी न पहुंचने पर उठे सवालों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। कंगना ने सोशल मीडिया पर सफाई देते हुए कहा कि उन्हें विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने सलाह दी थी कि हालात सामान्य होने तक रुकना बेहतर है। वहीं जयराम ठाकुर ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तीखी टिप्पणी की है।
राज्य में मानसून के आगमन के बाद से अब तक 43 लोगों की मौत और 37 के लापता होने की पुष्टि हुई है। सबसे अधिक प्रभावित मंडी जिले में 17 लोगों की जान गई है और दर्जनों गांव बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इस बीच बीजेपी सांसद कंगना रनौत के इलाके में न पहुंचने को लेकर सोशल मीडिया पर तीखा सवाल उठाया गया, जिस पर उन्होंने पोस्ट कर सफाई दी और अपने दौरे को प्रशासनिक अनुमति से जोड़ा।
प्रशासन की अनुमति का इंतजार कर रही- कंगना रनौत
कंगना ने लिखा कि उन्होंने मंडी और सेराज के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाने की कोशिश की थी, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर की सलाह पर इंतजार कर रही हैं। कंगना के मुताबिक, मंडी के डीसी ने आज फिर रेड अलर्ट जारी किया है और जब तक प्रशासनिक मंजूरी नहीं मिलती, तब तक वे मौके पर नहीं जाएंगी।
ठाकुर का तंज जिन्हें चिंता नहीं, उनके बारे में टिप्पणी नहीं
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कंगना के बयान पर सीधी टिप्पणी करने से बचते हुए कहा, “हम अपने लोगों के लिए यहां हैं, हम चिंतित हैं, जिन्हें चिंता नहीं, उनके बारे में कुछ नहीं कहना चाहता।” इस बयान को राजनीतिक हलकों में कंगना के जवाब पर सीधा कटाक्ष माना जा रहा है।
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राज्य सरकार के मुताबिक, अब तक प्राकृतिक आपदा से लगभग 5,000 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। एनडीआरएफ की टीमों ने कई गांवों से 65 लोगों को सुरक्षित निकाला है। बारिश के चलते कई सड़कें बंद हैं और कई गांवों का संपर्क टूट गया है।