केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 
देश

क्या है PM मोदी का अष्टलक्ष्मी प्लान? सिंधिया ने बताई पूरी योजना, कहा- भारत के नए ग्रोथ इंजन बनेंगे ये राज्य

Navabharat Leadership Conclave 2026: विकसित भारत कॉन्क्लेव 2026 में केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि उत्तर-पूर्व देश का ग्रोथ इंजन है, जहां दस सालों में सात लाख करोड़ का भारी निवेश हुआ है।

अक्षय साहू

Jyotiraditya Scindia on North East Development: केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया हाल ही में दिल्ली में नवभारत द्वारा आयोजित ‘विकसित भारत लीडरशिप कॉन्क्लेव 2026’ में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर-पूर्व के आठ राज्यों को ‘अष्टलक्ष्मी’ की संज्ञा दी है। सरकार इन राज्यों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है और जल्दी ही ये राज्य भारतीय अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करेंगे।  उन्होंने कहा कि सरकार की सोच है कि यही क्षेत्र आने वाले समय में भारत के विकास का प्रमुख इंजन बनेगा। उन्होंने बताया कि जहां देश की औसत जीडीपी वृद्धि दर पिछले वर्षों में लगभग 7 प्रतिशत रही है, वहीं उत्तर-पूर्वी राज्यों की औसत वृद्धि दर इससे कहीं अधिक रही है। उनके अनुसार यह क्षेत्र तेजी से आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उत्तर-पूर्व में बड़े पैमाने पर हुआ निवेश

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि उत्तर-पूर्व के विकास के लिए केंद्र सरकार लगातार निवेश बढ़ा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले दस सालों में इस क्षेत्र में लगभग सात लाख करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। साथ ही, केंद्र सरकार ने सभी मंत्रालयों के लिए अपने ग्रॉस बजटरी सपोर्ट का 10 प्रतिशत उत्तर-पूर्व के विकास पर खर्च करने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि यह नीति पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय शुरू हुई थी, जिसे वर्तमान सरकार ने और अधिक गति दी है।

नवभारत के विकसित भारत लीडरशिप कॉन्क्लेव 2026 में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया

उन्होंने कहा कि उत्तर-पूर्व में सड़क और परिवहन सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है।सिंधिया ने बताया कि पहले जहां राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई लगभग 10 हजार किलोमीटर थी, वहीं अब यह बढ़कर करीब 16 हजार किलोमीटर हो गई है। इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हजारों किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिली है।

हवाई अड्डों की संख्या में बड़ा इजाफा

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि आजादी के कई दशकों तक उत्तर-पूर्व में केवल नौ हवाई अड्डे थे, लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उनकी संख्या बढ़कर लगभग 70 हो गई है। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत हुई है और पर्यटन, व्यापार तथा निवेश को भी बढ़ावा मिला है। सरकार का उद्देश्य उत्तर-पूर्व को देश के अन्य हिस्सों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों से भी बेहतर तरीके से जोड़ना है।

नवभारत कॉन्क्लेव 2026 में ज्योतिरादित्य सिंधिया

दक्षिण-पूर्व एशिया का प्रवेश द्वार बनेगा उत्तर-पूर्व

सिंधिया ने कहा कि सरकार की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ के तहत उत्तर-पूर्व को दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए भारत का प्रवेश द्वार बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र भविष्य में भारत और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के बीच व्यापार, उद्योग और आर्थिक सहयोग का प्रमुख केंद्र बनेगा।

उन्होंने आगे कहा कि उत्तर-पूर्व का विकास केवल क्षेत्रीय प्रगति नहीं, बल्कि पूरे भारत की आर्थिक मजबूती से जुड़ा हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार की योजनाओं और लगातार हो रहे निवेश से उत्तर-पूर्व आने वाले वर्षों में देश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण आधार बनेगा। 

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