G-7 बैठक में कनाडा और भारत के पीएम की खास बैठक (सौजन्यः सोशल मीडिया)  
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पीएम मोदी के साथ बैठक के बाद जस्टिन ट्रूडो के बदलू सुर, महत्वपूर्ण मुद्दों पर मिलकर करेंगे काम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी G-7 बैठक में शामिल होने के लिए इटली दौरे पर हैं। जहां उनकी खास बैठक कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से हुई है। इस बैठक में दोनों देशों ने कई मुद्दों पर बात की है।

शानू शर्मा

दिल्ली: कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने G-7 बैठक के दौरान इटली में पीएम मोदी से मुलाकात की है। जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव कम होता नजर रहा है। खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध थोड़ा खराब होता नजर आ रहा था। लेकिन इस बैठक में पीएम मोदी के साथ मुलाकात के बाद कनाडा के पीएम ट्रूडो के सुर बदले-बदले लग रहे हैं।

ट्रूडो ने पीएम मोदी से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मैं इस मुद्दे के विवरण में नहीं जाऊंगा। कुछ महत्वपूर्ण लेकिन संवेदनशील मुद्दे हैं जिन पर हमें काम करने की जरूरत है। लेकिन, यह आने वाले समय में कुछ बहुत महत्वपूर्ण मुद्दों से निपटने के लिए साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता थी। हालांकि उन्होंने इस बैठक में हुई चर्चा के बारे में ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं इस पर ज्यादा बात नहीं करूंगा लेकिन कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे हैं जिन पर हमें काम करने की जरूरत है और हम करेंगे।

वहीं पीएम मोदी ने इस बैठक के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है। जिसमें उन्होंने लिखा कि G-7 शिखर सम्मेलन में कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो से मुलाकात हुई। यह बैठक भारत और कनाडा के बीच तनावपूर्ण राजनयिक संबंधों के बीच हुई।

आउटरीच देश मौजूद

G-7 शिखर सम्मेलन 13-15 जून को इटली के अपुलिया क्षेत्र में आयोजित किया गया था। जहाँ भारत को शिखर सम्मेलन में 'आउटरीच देश' के रूप में आमंत्रित किया गया था। इसमें सात सदस्य देशों, अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, जर्मनी, इटली, जापान और फ्रांस के साथ-साथ यूरोपीय संघ की भागीदारी थी। शुक्रवार (स्थानीय समय) को जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने अपने कनाडाई समकक्ष जस्टिन ट्रूडो से मुलाकात की।

भारत-कनाडा विवाद

बता दें कि पिछले साल जून में कोलंबिया में खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का हाथ होने के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोप पर विवाद के कारण नई दिल्ली और ओटावा के बीच संबंध खराब हो गए थे। हालांकि, भारत ने आरोपों को "बेतुका" और "प्रेरित" बताया है। इस मामले की जांच रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) द्वारा की जा रही है। जिसमें अबतक 4 भारतीय नागरिकों को पकड़ा गया है।

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