कांग्रेस का आरोप की नारे RSS-भाजपा ने खुद लगवाए (फोटो- सोशल मीडिया) 
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मोदी-शाह की 'कब्र' वाले नारे RSS ने लगवाए? BJP बोली- सांपों के फन कुचले जाते तो सपोले बिलबिलाते

JNU में 2020 की कैंपस हिंसा की बरसी पर लगाए गए नारों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। लेफ्ट विंग संगठनों और ABVP के बीच आरोप-प्रत्यारोप वाला यह विवाद राष्ट्रीय राजनीति के स्तर तक पहुंच गया है।

सौरभ शर्मा

JNU Controversy Update News: देश की राजधानी दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय एक बार फिर से सुलग उठा है। पांच जनवरी 2020 को कैंपस में हुई हिंसा की छठी बरसी के मौके पर हुए प्रदर्शन ने अब एक बड़े सियासी बखेड़े का रूप ले लिया है। साबरमती हॉस्टल के बाहर लगे नारों की गूंज अब राष्ट्रीय राजनीति तक पहुंच गई है, जहां कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच जुबानी जंग तीखी हो गई है।

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद कैंपस में भारी हंगामा हुआ। जेएनयू छात्र संघ और वामपंथी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन आयोजित किया था। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और उद्योगपति गौतम अडानी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। एबीवीपी ने इसे हिंदू विरोधी मानसिकता बताया है, जबकि सुरक्षा विभाग ने पुलिस से एफआईआर दर्ज करने की अपील की है।

क्या यह सोची समझी साजिश थी?

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आशंका जताई है कि दिल्ली पुलिस को पहले से ही इस बात की जानकारी थी कि कैंपस में कुछ होने वाला है, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। अल्वी ने सीधा आरोप लगाया कि चुनाव में सियासी फायदा उठाने के लिए यह सब भारतीय जनता पार्टी और संघ द्वारा प्रायोजित हो सकता है। दरअसल JNU में बीती रोज पीएम मोदी और देश के गृह मंत्री अमित शाह के विरोध में नारे लगाते हुए कहा गया कि मोदी तेरी कब्र खुदेगी जेएनयू की धरती पर इसके अलावा और भी कई तरह के देश विरोधी नारे लगाए गए। उन्होंने इसकी तुलना हिटलर के काम करने के तरीके से करते हुए कहा कि वह भी अपने लोगों को भेजकर इस तरह का काम करवाता था। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि पिछले ग्यारह सालों से ही ऐसी खबरें क्यों आ रही हैं कि पाकिस्तान का झंडा फहराया गया, उससे पहले ऐसा क्यों नहीं होता था। उनका मानना है कि पुलिस ने अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया है, जो उनकी भूमिका पर सवाल उठाता है।

विरोधियों पर सरकार का प्रहार

दूसरी तरफ, भाजपा नेताओं ने इन नारों और कांग्रेस के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जब सांपों के फन कुचले जाते हैं, तो सपोले बिलबिलाते हैं। उन्होंने कहा कि देश में नक्सली खत्म किए जा रहे हैं और आतंकी निपटाए जा रहे हैं, इसलिए उनके समर्थन में नारे लगाने वाले अब हताश हो चुके हैं। मिश्रा ने यह भी कहा कि दंगाइयों को अब अदालत भी पहचान चुकी है।

वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दयाशंकर सिंह ने भी छात्रों की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह लोग भारत के पैसे से पढ़ाई करते हैं लेकिन इनकी मानसिकता विदेशी है। उन्होंने देश को ऐसे लोगों से सावधान रहने की सलाह दी है। फिलहाल, जेएनयू के सुरक्षा विभाग ने वसंत कुंज थाने के एसएचओ को पत्र लिखकर बीएनएस के तहत मामला दर्ज करने की गुजारिश की है, जिससे आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ सकता है।

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