Highlights:
होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों की भारत ने निंदा की।
एमटी पेट्रो डॉल्फिन पर ड्रोन हमले के बाद दो भारतीय नाविक लापता हैं।
एमटी वाल्थेरिया पर सवार सभी 11 भारतीय नाविक सुरक्षित बताए गए हैं।
MEA on Strait of Hormuz Ship Attack: भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने रविवार को हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमले की निंदा की है। एमटी पेट्रो डॉल्फिन नामक जहाज पर ड्रोन से हमला किया गया था, जिसमें 11 भारतीय नाविक सवार थे। हमले के बाद इसमें दो नाविक लापता बताए जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की आलोचना करते हुए क्षेत्र में जारी संघर्ष को खत्म कर शांति स्थापित करने की अपील की है।
विदेश मंत्रालय ने देर रात बयान जारी करते हुए कहा कि, हमें खबर मिली है कि एमटी पेट्रो डॉल्फिन पर एक ड्रोन ने हमला किया था, जिसमें सवार 11 भारतीय नाविकों में से दो लापता बताए गए हैं। इसके अलावा मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला टैंकर एमटी वाल्थेरिया पर एक अनजान चीज से हमला हुआ, जिससे जहाज में आग लग गई। एमटी वाल्थेरिया पर सवार सभी 11 भारतीय नाविक सुरक्षित बताए गए हैं।
विदेश मंत्रालय ने आगे कहा कि मस्कट में भारतीय दूतावास स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है और लापता भारतीयों को बचाने और भारतीय क्रू को हर मुमकिन मदद देने के लिए ओमानी अधिकारियों और संबंधित जहाज प्रबंधन कंपनियों के साथ समन्वय कर रहा है। मंत्रालय ने कहा कि हमें उम्मीद है कि चीजें जल्द बेहतर हो जाएंगी।
MEA ने आगे कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा भारत सरकार के लिए प्राथमिकता बनी हुई है। इस इलाके में वाणिज्यिक जहाजों पर बार-बार हो रहे हमले बहुत चिंता की बात हैं और पहले से ही खराब स्थिति को और बिगाड़ने का खतरा है।
इस बीच, भारत के विदेश मंत्रालय ने जारी संघर्ष को जल्द से जल्द कम करने और उसका समाधान निकालने के लिए बातचीत एवं कूटनीति का रास्ता अपनाने की जरूरत पर जोर दिया है।
मंत्रालय ने कहा कि सभी पक्षों को तनाव कम करने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए। वाणिज्यिक जहाजों, नाविकों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर होने वाले हमलों को तुरंत रोका जाना चाहिए। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करते हुए अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना जरूरी है। समुद्री व्यापार का सुरक्षित, निर्बाध और सुचारु प्रवाह बनाए रखना भी बेहद आवश्यक है।