इमरान मसूद (सोर्स- डिजाइन इमेज) 
देश

फिल्म धुरंधर 2 पर भड़के कांग्रेस सांसद इमरान मसूद, अतीक अहमद के किरदार को लेकर उठाए सवाल, सरकार को भी घेरा

Dhurandhar The Revenge: धुरंधर द रिवेंज को लेकर कांग्रेस सांसद ने कई सवाल उठाए हैं। फिल्म में दिखाए गए आतिफ अहमद के कैरेक्टर को लेकर इमरान मसूद का बयान सामने आया है।

सजल रघुवंशी

Imran Masood On Dhurandhar 2: सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने फिल्म धुरंधर: द रिवेंज को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस फिल्म को असली मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने वाली फिल्म बताया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी फिल्मों पर कोई यकीन नहीं करता। उन्होंने इसे बकवास फिल्म बताया है। इसके अलावा  उन्होंने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को भी घेरा और नरेंद्र मोदी के नोटबंदी फैसले को भी टारगेट किया।

मसूद ने साफ कहा कि नोटबंदी कोई मास्टर स्ट्रोक नहीं थी, बल्कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को गहरा नुकसान हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते सालों में लिए गए फैसलों का बोझ आम जनता उठा रही है और इतिहास इन फैसलों को याद रखेगा। बता दें कि फिल्म में नोटबंदी के समय को भी दिखाया गया है।

आतिफ अहमद का किरदार अविश्वसनीय और भ्रामक- इमरान मसूद

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने फिल्म की स्टोरी का जिक्र करते हुए कहा कि इस फिल्म में 'आतिफ अहमद' नाम का कैरेक्टर है। जो माफिया अतीक अहमद से प्रेरित बताया जा रहा है। फिल्म में इस कैरेक्टर का कनेक्शन पाकिस्तान से दिखया गया है जो नकली नोटों और हथियार सप्लाई से जुड़ा हुआ है। साथ ही इसे नोटबंदी से जोड़ते हुए भी दिखाया गया है। जिसे सांसद मसूद ने पूरी तरह से भ्रामक और अविश्वसनीय बताया है। इसके अलावा कांग्रेस सांसद ने कहा कि अगर फिल्मों में ऐतिहासिक या राजनीतिक संदर्भ दिखाने हैं, तो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साहसिक फैसलों को दिखाया जाना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कैसे उन्होंने अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन को कड़ा जवाब दिया था।

मोदी सरकार पर लगाया हिंदू-मुस्लिम राजनीति का आरोप

फिल्म के बारे में बताते हुए मसूद ने सरकार पर भी आरोप लगाया और कहा कि वह असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए हिंदू-मुस्लिम राजनीति कर रही है। उन्होंने राहुल गांधी के बयानों का समर्थन करते हुए कहा कि समय के साथ उनकी बातें सही साबित होती दिख रही हैं। साथ ही गंगा सफाई अभियान पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि हजारों करोड़ खर्च होने के बावजूद गंगा पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है और कई स्थानों पर अब भी नालों का गंदा पानी उसमें मिल रहा है।

क्यों खड़ा हुआ विवाद?

दरअसल, फिल्म में नोटबंदी को दिखाया गया है। साल 2016 में हुई नोटबंदी पर अक्सर कांग्रेस मोदी सरकार को घेरती रहती है। ऐसे में जब इसे फिल्म में सकारात्मक रूप से दिखाया गया। तब इस पर विवाद हो गया, वहीं दूसरी तरफ फिल्म में आतिफ अहमद का किरदार हू-ब-हू माफिया अतीक अहमद से मिलता-जुलता दिखाया गया है। साथ ही आतिफ अहमद का कनेक्शन आईएसआईएस से भी दिखाया गया है। उसे जेल में रहते हुए भी अपना पूरा अपराधी नेटवर्क चलाते हुए दिखाया गया है। फिल्म का एक डायलॉग है, “जब तक आतिफ अहमद है, जेल में हो या बाहर…वो सब संभाल लेगा।

वहीं फिल्म के मुताबिक, 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले हवाला के जरिए पाकिस्तान से नकली नोटों की बड़ी खेप भारत लाई जानी थी। इस किरदार को प्रदेश में पैसा बांटने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन सरकार को इसकी भनक लग जाती है। इसके बाद नोटबंदी का ऐलान कर पूरे प्लान को फेल कर दिया जाता है। फिल्म में माफिया की हत्या का सीन भी दिखाया गया है। इसके अलावा, पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार पर आधारित किरदार को भी शामिल किया गया है। इसमें दिखाया गया है कि एनएसए बने किरदार उन्हें अतीक से जुड़ी अपराधिक प्रोफाइल दिखा रहे हैं।

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