नई दिल्ली: आज यानी 30 जुन रविवार को लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी नए सेनाध्यक्ष का पदभार संभालेंगे। वह जनरल मनोज पांडे के 26 महीने का कार्यकाल खत्म होने पर उनकी जगह ले लेंगे। लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी 30वें सेनाध्यक्ष के पद को आज सुशोभीत करेंगें। हालांकी वह ऐसे वक्त में यह पदभार संभाल रहे हैं जब भारतीय सेना लगातार संरचनात्मक सुधारों के साथ-साथ स्वदेशीकरण के जरिये बड़े आधुनिकीकरण के दौर से भी गुजर रही है।
बता दें कि जनरल मनोज पांडे को कार्यकाल आज समाप्त है रहा है। लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी की इस खास नियुक्ति में सरकार ने वरिष्ठता क्रम का पालन किया है। मोदी सरकार ने इसके पहले एक बड़े कदम के तहत बीते महीने ही जनरल पांडे की सेवानिवृत्ति से कुछ दिन पहले उनका कार्यकाल एक महीने के लिए आगे बढ़ा दिया था। वहीं सेना के परम सेवा मेडल (PVSM) और अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) से सम्मानित लेफ्टिनेंट जनरल द्वीवेदी ने लंबे समय तक जम्मू-कश्मीर में अपनी सेवाएं दी हैं।
जानकारी दें कि 1 जुलाई, 1964 को जन्मे द्विवेदी को 15 दिसंबर, 1984 को इंडीयन आर्मी की जम्मू और कश्मीर राइफल्स में कमीशन मिला था। लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी का जम्मू-कश्मीर में उत्तरी सेना कमांडर के रूप में लंबा कार्यकाल रहा है। उन्हें पूर्वी लद्दाख में भी LAC पर सैन्य गतिरोध में चल रहे अभियानों का लंबा अनुभव भी रहा है।
बता दें कि लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी सैनिक स्कूल रीवा, नेशनल डिफेंस कॉलेज और यूएस आर्मी वॉर कॉलेज के पूर्व छात्र रहे हैं. वे DSSC वेलिंगटन और आर्मी वॉर कॉलेज, महू में भी पढ़ाई कर चुके हैं। इसके अलावा USAWC कार्लिस्ले,USA में प्रतिष्ठित NDC समकक्ष पाठ्यक्रम में 'विशिष्ट फेलो' से सम्मानित किए गए। वे रक्षा और प्रबंधन में एमफिल और सामरिक अध्ययन और सैन्य विज्ञान में दो मास्टर डिग्री रखते हैं।
अब तक लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी सेना के उप-प्रमुख के रूप में कार्यरत थे। रक्षा सूत्रों की मानें तो, उपेंद्र द्विवेदी के सेनाध्यक्ष बनने के बाद भारतीय सेना के उप सेना प्रमुख पद पर लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि की नियुक्ति हो सकती है। हालांकी इंडीयन आर्मी की ओर से इन नियुक्तियों को लेकर कोई भी आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन रक्षा सूत्रों की मानें तो आज से सेना में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।