गुवाहाटी : असम में बीते कई दिनों से हो रही भारी बारीश से उपजी बाढ़ की स्थिति में अब सुधार है। वहीं राज्य के 10 जिलों में इससे प्रभावित लोगों की संख्या अब कम होकर 1.30 लाख ही रह गई है। राज्य में इस साल दो बार आई बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने आई केंद्रीय टीम ने अपना तीन दिवसीय दौरा भी पूरा कर लिया है।
वहीं असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) ने दौरे पर आई टीम से बाढ़ को 'गंभीर प्रकृति की आपदा' घोषित करने और अंतरिम आधार पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) से 500 करोड़ रुपये जारी करने की सिफारिश करने का आग्रह भी किया है।
हालांकी ब्रह्मपुत्र समेत दो बड़ी नदियां लगातार खतरे के स्तर से ऊपर ही बह रही हैं। वहीं कछार, धेमाजी, धुबरी, डिब्रूगढ़, ग्वालपाड़ा, गोलाघाट, कामरुप मेट्रोपॉलिटन, करीमगंज, नागांव और शिवसागर जिले बाढ़ से प्रभावित हैं।
अब राज्य में 1.30 लाख लोग फिलहाल प्रभावित हैं। इसमें नागांव सबसे अधिक प्रभावित है, इसके बाद कछार में लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, वहीं धुबरी में भी हजारों लोग इस आपदा से प्रभावित हैं। बीते गुरुवार तक राज्य के 11 जिलों में करीब 2.72 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित थे।
जानकारी दें कि असम में इस साल बाढ़, भूस्खलन, तूफान और आकाशीय बिजली गिरने जैसी घटनाओं से अब तक 113 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं कुल 61 राहत शिविरों और राहत वितरण केंद्रों में 16,600 से अधिक प्रभावितों को राहत पहुंचाई जा रही है। कुल 10,228.36 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई है।
ब्रह्मपुत्र नदी धुबरी में और दिसांग नदी नांगलामुराघाट में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। वहीं विभिन्न प्रभावित जिलों से तटबंधों, घरों, सड़कों और पुलों जैसी बुनियादी संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की खबरें मिली हैं।(एजेंसी इनपुट के साथ )