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Farmers Protest: पंजाब में किसानों का सरकार के खिलाफ हल्लाबोल! सीएम आवास का करेंगे घेराव, भगवंत मान के फूले हाथ-पांव

पंजाब और हरियाणा के शंभू और खनौरी बॉर्डर पर 13 महीने से आंदोलन चला रहे किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) और संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) आज सीएम भगवंत मान समेत कई कैबिनेट मंत्रियों और विधायकों के घरों का घेराव करेंगे।

अभिषेक सिंह

चंडीगढ़: पंजाब और हरियाणा के शंभू और खनौरी बॉर्डर पर 13 महीने से आंदोलन चला रहे किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) और संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) आज सीएम भगवंत मान समेत कई कैबिनेट मंत्रियों और विधायकों के घरों का घेराव करेंगे। कल दोपहर केएमएम के संयोजक सरवन सिंह पंधेर ने यह प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। जिसके बाद एसकेएम गैर राजनीतिक के साथ ऑनलाइन मीटिंग हुई। जिसमें एसकेएम गैर राजनीतिक ने भी साथ चलने की बात कही।

किसानों द्वारा जहां-जहां प्रदर्शन किया जाएगा, वह स्थान भी तय कर लिया गया है। 17 जिलों में धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम तय किया गया है। किसानों का कहना है कि प्रदर्शन की जगह बढ़ भी सकती है। ऐसे में पुलिस के लिए किसानों को रोकना चुनौती होगी। वहीं किसानों का गुस्सा आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है।

अमृतसर जिले में दो जगहों पर किसान प्रदर्शन करेंगे। कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह जंडियाला गुरु और कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल के आवास के बाहर धरने पर बैठेंगे। होशियारपुर जिले में किसान तीन जगहों पर धरना देंगे, टांडा विधायक जसबीर सिंह राजा, दसूहा विधायक करमबीर सिंह घुमन और मंत्री डॉ. रवजोत सिंह के आवास पर।

हर जिले में घिरेंगे आप विधायक

गुरदासपुर जिले में किसान दो जगहों पर धरना देंगे, बटाला में कार्यकारी अध्यक्ष पंजाब अमन शेर सिंह कलसी के आवास पर और विधायक अमरपाल सिंह के हरगोबिंदपुर में। इतना ही नहीं पंजाब के लगभग हर जिले में विधायक के आवास के सामने किसान धरना देंगे।

पुलिस ने खाली करवाया बॉर्डर

आपको बता दें कि 19 मार्च को पंजाब पुलिस ने किसान नेताओं को हिरासत में लेकर शंभू और खनौरी बॉर्डर खाली करवा दिया था। इसके बाद दोनों बॉर्डर पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई थी।

दिल्ली कूच का किया ऐलान

पुलिस ने सरवन सिंह पंधेर को रिहा कर दिया है। जबकि भूख हड़ताल पर बैठे डल्लेवाल को पटियाला के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। किसानों ने 13 फरवरी 2024 को अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच करने का ऐलान किया था। किसानों को रोकने के लिए हरियाणा पुलिस ने शंभू और खनौरी बॉर्डर पर बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया था।

किसानों ने 4 बार दिल्ली कूच करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और किसानों को आगे नहीं बढ़ने दिया। 21 फरवरी को खनौरी बॉर्डर पर झड़प के दौरान युवा किसान शुभकरण सिंह की मौत हो गई। 26 नवंबर 2024 को किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने खनौरी बॉर्डर पर भूख हड़ताल शुरू कर दी।

7  बैठकों के बाद भी समाधान नहीं

केंद्र और किसानों के बीच 7 बार बातचीत हुई, लेकिन कोई हल नहीं निकला। 19 मार्च 2025 को सातवें दौर की बातचीत के बाद पंजाब पुलिस ने किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल, सरवन सिंह पंधेर समेत अन्य किसान नेताओं को अलग-अलग जगहों से हिरासत में लिया। इसके बाद दोनों बॉर्डर खाली करवा दिए गए। 20 और 21 मार्च को दोनों बॉर्डर पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई।

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