यूपी समेत इन 6 राज्यों में बदली मतदाता सूची में बदलाव करने की तारीख (कॉन्सेप्ट फोटो- सोशल मीडिया) 
देश

चुनाव आयोग ने दी बड़ी राहत, UP समेत इन 6 राज्यों में बढ़ी SIR की समयसीमा; जानें नया शेड्यूल

SIR Date: देश के कई राज्यों में जारी स्पेशल इंटेंविस रिविजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग (EC) ने मतदाताओं को बड़ी राहत दी है। आयोग ने यूपी समेत छह राज्यों में एसआईआर की समयसीमा को बढ़ाया है।

सौरभ शर्मा

SIR Deadline Extended: चुनाव आयोग ने देश के छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मतदाताओं को एक बड़ी खुशखबरी दी है। आयोग ने विशेष मतदाता सूची संशोधन अभियान यानी एसआईआर 2026 के तहत फॉर्म जमा करने की समय सीमा को बढ़ा दिया है। इस फैसले से उत्तर प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान-निकोबार के लोगों को अब अपने दस्तावेज तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है। यह अहम फैसला राज्यों में तकनीकी कारणों और प्राप्त आवेदनों की भारी संख्या को देखते हुए लिया गया है।

चुनाव आयोग द्वारा जारी नई समय सारिणी के अनुसार, तमिलनाडु और गुजरात में अब एसआईआर फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख 14 दिसंबर से बढ़ाकर 19 दिसंबर 2025 कर दी गई है। इसका सीधा मतलब है कि इन राज्यों के नागरिकों को अपना काम पूरा करने के लिए पांच दिन और मिल गए हैं। आयोग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और इस बढ़ी हुई समय सीमा का लाभ उठाते हुए अपना नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करें ताकि भविष्य में उन्हें परेशानी न हो।

यूपी और एमपी वालों के लिए खुशखबरी

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान-निकोबार के लिए अंतिम तारीख अब 18 दिसंबर की जगह 23 दिसंबर 2025 तय की गई है। वहीं सबसे बड़ा फैसला उत्तर प्रदेश के लिए आया है। यूपी में एसआईआर की समय सीमा जो 11 दिसंबर को समाप्त हो रही थी, वहां अब रिवाइज्ड एन्यूमरेशन 26 दिसंबर तक चलेगा और मतदाता सूची का प्रकाशन 31 दिसंबर 2025 को होगा। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने बताया कि उन्होंने आयोग से दो हफ्ते का अतिरिक्त समय मांगा था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। यह समय इसलिए मांगा गया ताकि जिला निर्वाचन अधिकारी मृत और दूसरे स्थानों पर शिफ्ट हो चुके मतदाताओं का सही सत्यापन कर सकें।

अब इस तारीख तक निपटाएं काम

नवदीप रिनवा ने जानकारी दी कि राज्य में करीब 2.91 करोड़ प्रविष्टियां अभी भी अपुष्ट श्रेणी में हैं, जिनमें 1.27 करोड़ स्थायी रूप से शिफ्टेड और लाखों मृत मतदाता शामिल हैं। इनका बारीकी से सत्यापन बहुत जरुरी है। नए शेड्यूल के मुताबिक, निर्वाचन नामावलियों का आलेख्य प्रकाशन 31 दिसंबर को होगा और दावे व आपत्तियां 30 जनवरी 2026 तक स्वीकार की जाएंगी। इसके बाद अधिकारियों द्वारा गणना प्रपत्रों और आपत्तियों का निस्तारण 21 फरवरी तक किया जाएगा। अंततः 28 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश की फाइनल मतदाता सूची जारी कर दी जाएगी।

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को दी चुनौती, फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची, नाम और सिंबल पर विवाद तेज

भस्मासुर है कांग्रेस…राहुल को पढ़ना चाहिए अपनी पार्टी का इतिहास, सहयोगियों को खत्म करना आदत: किरेन रिजिजू

तमिलनाडु में जन्म लेने वाले बच्चों को मिलेगा सोने का छल्ला, CM विजय ने किया ऐलान, वितरण के लिए बनेंगे 107 हब

DUSU Election 2026 LIVE: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के लिए मतदान समाप्त

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बन सकते हैं राहुल गांधी...शहजाद पूनावाला का तंज, बोले- 2029 में फिर PM बनेंगे मोदी