SIR की प्रक्रिया सोर्स- IANS
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वोटर लिस्ट से कट गया नाम? दिल्ली-महाराष्ट्र समेत 7 राज्यों में चुनाव आयोग ने दिया दोबारा जुड़वाने का मौका

SIR Voter List 2026: SIR के दौरान ASDD श्रेणी में रखे जाने से ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर हुए मतदाताओं को चुनाव आयोग ने एक और मौका दिया है। यह राहत दिल्ली समेत 7 राज्यों में लागू होगी।

प्रिया जैस

Highlights:

  • ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर हुए मतदाताओं को चुनाव आयोग ने एक और मौका दिया।

  • यह राहत दिल्ली समेत 7 राज्यों में लागू होगी।

  • मतदाता ECI-नेट पोर्टल पर अपना EPIC नंबर से फॉर्मों को ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं।

Election Commission of India: चुनाव आयोग ने एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया के दौरान छूटे हुए मतदाताओं को अपना नाम मतदाता सूची में दोबारा जुड़वाने का एक और मौका देने का निर्णय लिया है।

महाराष्ट्र समेत 7 राज्यों में उन मतदाताओं को एक नया अवसर दिया है, जिनके नाम मतदाता सूची के मसौदे से हटा दिए गए थे। चुनाव आयोग का यह निर्देश दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और नगालैंड पर लागू होगा।

यह विशेष अवसर केवल उन्हीं मतदाताओं के लिए है, जो पहले से वोटर लिस्ट में शामिल थे, लेकिन एसआईआर के दौरान अनुपस्थित, शिफ्टेड, मृत और डुप्लीकेट श्रेणी में रखे जाने के कारण ड्राफ्ट सूची से बाहर हो गए थे।

सुप्रीम कोर्ट ने जल्दबाजी पर उठाए सवाल

हालांकि, जो लोग पहले कभी मतदाता सूची में नहीं थे, वे इसके पात्र नहीं होंगे। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान की गई जल्दबाजी पर गंभीर सवाल उठाए थे।

आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में एसआईआर से पहले करीब 1.45 करोड़ मतदाता थे, जबकि ड्राफ्ट सूची में केवल 97.53 लाख नाम ही शामिल हो सके थे, यानी लगभग 47.57 लाख नाम बाहर हो गए थे। बिहार की तरह इन 7 राज्यों से भी जिंदा लोगों को मृत या अनुपस्थित बताए जाने की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद आयोग ने यह कदम उठाया है।

इन 7 राज्यों को मिलेगा मौका

  • दिल्ली

  • महाराष्ट्र

  • हरियाणा

  • आंध्र प्रदेश

  • झारखंड

  • तेलंगाना

  • नगालैंड

फॉर्म-6 से जुड़ी राहत और प्रक्रिया

नया फॉर्म भरने की छूटः चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि ड्राफ्ट लिस्ट में नाम नहीं है, तो मतदाता फॉर्म-6 भरकर दोबारा नाम जुड़वा सकते हैं। इसके लिए कोई झूठा शपथ पत्र नहीं माना जाएगा और न ही कोई कानूनी कार्रवाई होगी।

ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उन्हें 'ASDD' (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, या डुप्लिकेट) श्रेणी में डाल दिया गया था। भले ही घर-घर जाकर किए गए सर्वेक्षण के दौरान उन्हें फॉर्म दिए गए थे। महाराष्ट्र के सभी 288 विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतदाता सूची का मसौदा 31 अगस्त, 2026 को प्रकाशित किया गया था।

ERO को उपलब्ध कराए जाएंगे एन्यूमरेशन फॉर्म

जिन मतदाताओं के नाम केवल 'ASDD' श्रेणी में वर्गीकृत होने के कारण मतदाता सूची के मसौदे से हटा दिए गए थे, वे अब अपना भरा हुआ 'एन्यूमरेशन फॉर्म' अपने संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) या सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO) के पास जमा कर सकते हैं।

मौजूदा विवरणों वाले पहले से भरे हुए एन्यूमरेशन फॉर्म, ECI-नेट पोर्टल के माध्यम से ERO को उपलब्ध कराए जाएंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी और ERO, बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO) को निर्देश देंगे कि वे इन फॉर्मों को प्रभावित मतदाताओं तक पहुंचाएं। चाहे व्यक्तिगत रूप से या व्हाट्सएप, ईमेल या SMS के जरिए।

ECI-नेट पोर्टल से ऑनलाइन डाउनलोड करें

मतदाता आधिकारिक वेबसाइटों या ECI-नेट पोर्टल पर अपना EPIC (निर्वाचक फोटो पहचान पत्र) नंबर दर्ज करके भी इन फॉर्मों को ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं या भर सकते हैं। BLO स्थानीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, पड़ोसियों, रिश्तेदारों, अन्य निवासियों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के साथ समन्वय करेंगे, ताकि प्रभावित मतदाताओं तक पहुंचा जा सके और फॉर्म जमा करने की प्रक्रिया में उनकी मदद की जा सके।

जो मतदाता अपने मूल निवास स्थान से कहीं और नहीं गए हैं, उन्हें 'एनेक्सचर-B' घोषणा-पत्र जमा करना होगा, जिसमें यह बताना होगा कि वे पहले अपना फॉर्म क्यों जमा नहीं कर पाए थे।

जो मतदाता अपने मूल पते से किसी दूसरी जगह चले गए हैं, उन्हें 'एनेक्सचर-C' का उपयोग करके अपने नए पते और विधानसभा क्षेत्र का विवरण देना होगा। ये आवेदन उनके वर्तमान निवास स्थान के ERO/AERO (निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी/सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी) के पास जमा किए जा सकते हैं।

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