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भारत के इस प्रदेश में तेज भूकंप से डोली धरती, जानें रिक्टर स्केल पर कितनी थी तीव्रता

Earthquake News: भारत में बीते कुछ दिनों से अनेक प्रदेशोें में भूकंप की घटनाएं सामने आ रही हैं। सुबह दिल्ली में भूकंप आया था और दोपहर में एक और केंद्रशासित प्रदेश में तेज भूकंप से धरती कांप उठी है।

अर्पित शुक्ला

Leh Ladakh Earthquake: भारत के अलग-अलग हिस्सों में पिछले कुछ समय से भूकंप की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। इसी क्रम में सोमवार को केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख के लेह में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिससे लोग सहम गए। जानकारी के अनुसार, लेह-लद्दाख में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.7 दर्ज की गई, जिसे काफी मजबूत भूकंप माना जाता है।

कहां था भूकंप का केंद्र?

नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, लद्दाख में यह भूकंप सोमवार दोपहर करीब 11 बजकर 56 मिनट पर आया। इसकी तीव्रता 5.7 थी और इसका केंद्र लेह में धरती की सतह से लगभग 171 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। फिलहाल इस भूकंप से किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।

दिल्ली में भी महसूस हुए झटके

सोमवार को भारत की राजधानी दिल्ली में भी सुबह के समय भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए थे। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, सुबह 8 बजकर 44 मिनट पर आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.8 मापी गई थी। इसका केंद्र उत्तरी दिल्ली में करीब 5 किलोमीटर की गहराई पर था।

क्यों आते हैं भूकंप?

दरअसल, पृथ्वी के भीतर सात टेक्टोनिक प्लेटें होती हैं, जो लगातार अपनी जगह पर हलचल करती रहती हैं। इस दौरान कई बार ये प्लेटें फॉल्ट लाइन पर आपस में टकरा जाती हैं। टकराव के कारण घर्षण पैदा होता है और ऊर्जा निकलती है। जब यह ऊर्जा बाहर निकलने का रास्ता खोजती है, तो धरती पर भूकंप के झटके महसूस होते हैं।

भूकंप आने पर क्या करें

  • अपने घर को भूकंपरोधी बनाने के लिए स्ट्रक्चरल इंजीनियर से सलाह लें
  • दीवारों और छत में मौजूद दरारों की समय पर मरम्मत कराएं
  • खुले शेल्फ दीवार से अच्छी तरह बांधें और भारी सामान निचले शेल्फ पर रखें
  • एक आपातकालीन किट तैयार रखें
  • परिवार के साथ मिलकर निजी आपदा प्रबंधन योजना बनाएं
  • ‘झुको, ढको और पकड़ो’ तकनीक का अभ्यास करें

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