Highlights:
दिल्ली की साकेत कोर्ट ने ध्रुव राठी के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया।
ध्रुव राठी के खिलाफ 2018 के मानहानि मामले में शिकायत दर्ज की गई।
शिकायत विकास सांकृत्यायन उर्फ विकास पांडे ने दर्ज कराई थी।
Dhruv Rathee Defamation Case: दिल्ली की अदालत ने ध्रुव राठी के खिलाफ 2018 के मानहानि मामले में जमानती वारंट जारी किया। शिकायत विकास सांकृत्यायन उर्फ विकास पांडे ने दर्ज कराई थी।
कोर्ट ने शनिवार को पेश होने के देश दिए थे, लेकिन पेशी से पहले ही ध्रुव राठी लंदन चला गया। दरअसल, 2018 में ध्रुव राठी के यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो अपलोड किया था - 'बीजेपी आईटी सेल पार्ट 2'।
विकास पांडे ने आरोप लगाया है कि इस वीडियो में ध्रुव राठी ने उनके खिलाफ गलत और झूठे आरोप लगाए है। ध्रुव राठी के इस वीडियो से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। इस मामले में उन्होंने मानहानि का मामला दर्ज कराया था।
विकास सांकृत्यायन (विकास पांडे) साकेत कोर्ट में मामला दर्ज किया था। साकेत कोर्ट द्वारा 8 साल पुराने मामले में यूट्यूबर ध्रुव राठी को समन जारी करने पर शिकायतकर्ता के वकील समक्ष शर्मा ने जानकारी दी थी, कि इस 8 साल पुराने मामले में ध्रुव राठी के खिलाफ कई बार समन जारी किया गया है, लेकिन वह जानबूझकर समन की सेवा से बचता है।
ध्रुव राठी ऑस्ट्रिया में रहता है और भारत में आना-जाना कम होता है। इसलिए उनके खिलाफ यह मामला 8 साल से मामला लंबित है। हाल ही में, जब ध्रुव राठी कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में शामिल होने के लिए भारत आए।
ध्रुव राठी के भारत आते ही विकास पांडे ने एक बार फिर साकेत कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद उनके खिलाफ एक नया समन जारी किया गया था। लेकिन ध्रुव राठी घर पर नहीं मिला। जानकारी के अनुसार, किसी ने भी उनके आवास का दरवाजा नहीं खोला। इस मामले में आज सुनवाई की गई।
शिकायतकर्ता विकास सांकृत्यायन, "आई सपोर्ट नरेंद्र मोदी" (I Support Narendra Modi) नामक सोशल मीडिया पेज के संस्थापक हैं। वीडियो में, ध्रुव राठी ने आरोप लगाया था कि विकास पांडे बीजेपी आईटी सेल में एक वरिष्ठ पद पर हैं और उन्होंने महावीर प्रसाद नाम के एक व्यक्ति को, फर्जी खबरें फैलाने से जुड़े अपने बयानों को वापस लेने के बदले में 50 लाख रुपये देने की पेशकश की थी।
साकेत कोर्ट ने इस मामले में पहली बार जुलाई 2019 में ध्रुव राठी को समन भेजा था। हालांकि, वह मुख्य रूप से विदेश में रहते हैं, इसलिए कई वर्षों तक उन्हें नोटिस नहीं दिया जा सका। हाल ही के आदेश में, साकेत जिला अदालत के न्यायिक मजिस्ट्रेट ने नया समन जारी किया।
यह कदम तब उठाया गया जब शिकायतकर्ता के वकील ने जल्द सुनवाई के लिए एक आवेदन दायर किया। वकील ने बताया कि ध्रुव राठी फिलहाल भारत में हैं और हरियाणा के गुरुग्राम में एक घर में रह रहे हैं।