दिल्ली पुलिस के करीब 150 जवानों ने पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया
पुलिसकर्मियों के प्रतिनिधिमंडल ने कमिश्नर अनुराग कुमार को पांच मांगों का ज्ञापन सौंपा
साल 2019 के बाद दिल्ली पुलिसकर्मियों का मुख्यालय के बाहर यह बड़ा प्रदर्शन है
Delhi Police Protest: दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बार मामला कुछ अलग है क्योंकि अपनी मांगों को लेकर दिल्ली पुलिस के जवान ही पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करने पहुंच गए। सोमवार को करीब 150 पुलिसकर्मी मुख्यालय के बाहर जमा हुए। प्रदर्शन में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। इनमें ACP मनस्वी वशिष्ठ भी मौजूद थे।
प्रदर्शन कर रहे पुलिसकर्मी शाहदरा पुलिस थाने में पुलिस और वकीलों के बीच हुई झड़प के बाद दो पुलिस अधिकारियों के तबादले से नाराज थे। उनकी मांग थी कि ACP मनस्वी वशिष्ठ और तत्कालीन SHO इंस्पेक्टर अरुण कुमार को उनकी पुरानी तैनाती पर वापस भेजा जाए। प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार से मुलाकात कर पांच मांगों का ज्ञापन भी सौंपा।
दिल्ली पुलिस के इस विरोध प्रदर्शन ने साल 2019 की घटना की याद ताजा कर दी। उस समय 2,000 से अधिक पुलिसकर्मी और उनके परिजन पुलिस मुख्यालय के बाहर जुटे थे। यह विरोध वकीलों द्वारा पुलिसकर्मियों पर किए गए हमलों के खिलाफ था। इसमें तीस हजारी कोर्ट में पार्किंग को लेकर हुआ विवाद भी शामिल था। वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से प्रभावित पुलिसकर्मियों को कानूनी और चिकित्सा सहायता देने का आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ था।
मौजूदा विवाद की शुरुआत 23 अक्टूबर को शाहदरा पुलिस थाने में हुई घटना से हुई। इस दौरान वकील ललित बंसल के सिर में कथित तौर पर गंभीर चोट लगी थी। घटना के बाद पुलिसकर्मियों और वकीलों के बीच थाने में टकराव की स्थिति बन गई। इसके विरोध में जिला अदालतों के वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया।
इस मामले में 28 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने ACP मनस्वी वशिष्ठ का तबादला कर दिया। वह गांधी नगर में सब डिविजनल पुलिस ऑफिसर के पद पर तैनात थे। उन्हें स्पेशल पुलिस यूनिट फॉर विमेन एंड चिल्ड्रन यानी SPUWAC भेज दिया गया। वहीं शाहदरा थाने के तत्कालीन SHO इंस्पेक्टर अरुण कुमार को भी हटाकर सुरक्षा यूनिट में तैनात कर दिया गया।
सोमवार को पुलिस मुख्यालय के गेट नंबर एक के बाहर प्रदर्शनकारी हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर पहुंचे। उन्होंने वर्दी का अपमान नहीं सहेंगे जैसे नारे लगाए। पुलिसकर्मियों का कहना था कि दोनों अधिकारियों का तबादला वापस लिया जाए और उन्हें उनकी पुरानी जिम्मेदारियां सौंपी जाएं।
स्थिति को संभालने के लिए नई दिल्ली के DCP सचिन शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाने और उन्हें शांत करने की कोशिश की। सचिन शर्मा ने मनस्वी वशिष्ठ से भी बातचीत की और कुछ पुलिसकर्मियों को मुख्यालय के अंदर चलकर चर्चा करने का प्रस्ताव दिया। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने इसे स्वीकार नहीं किया। वे पुलिस कमिश्नर के साथ सीधे संपर्क सभा करना चाहते थे।
बताया गया कि प्रदर्शन में शामिल होने की अपील दिल्ली पुलिस के व्हाट्सऐप ग्रुपों के जरिए की गई थी। इसमें तबादला किए गए अधिकारियों के समर्थन में पुलिस मुख्यालय पहुंचने को कहा गया था। वहीं जिला DCP और यूनिट प्रमुखों को अपने कर्मचारियों को प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के निर्देश दिए जाने की भी जानकारी सामने आई।
प्रदर्शन के बाद पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने पुलिस मुख्यालय में संपर्क सभा आयोजित की। इसमें उन्होंने अलग-अलग रैंक के पुलिसकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत की। इसके बाद ACP मनस्वी वशिष्ठ के नेतृत्व में करीब सात पुलिसकर्मियों के प्रतिनिधिमंडल ने कमिश्नर को अपनी पांच मांगें सौंपीं।
पुलिसकर्मियों की पांच प्रमुख मांगे:
अदालत परिसरों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष पुलिस टीम तैनात की जाए, जो विरोध प्रदर्शन या हमले जैसी परिस्थितियों से निपट सके।
यदि पांच से अधिक वकील किसी पुलिस थाने में घुसकर गुंडागर्दी करते हैं तो उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाए।
पुलिस थानों के बाहर पुलिसकर्मियों को कथित तौर पर धमकाने या उनके साथ दुर्व्यवहार करने वाले वकीलों पर कार्रवाई करने की थी।
ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले वकीलों के लाइसेंस रद्द कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही गई।
शाहदरा थाने की घटना से संबंधित वकीलों के खिलाफ दर्ज FIR में चार्जशीट दाखिल करने की थी।
बैठक के बाद मनस्वी वशिष्ठ ने कहा कि पुलिस कमिश्नर ने उन्हें बातचीत का मौका दिया और उनकी मांगों को सुना। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सभी पुलिसकर्मियों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाया। उन्होंने बताया कि कुल पांच मांगें रखी गई हैं और कुछ मामलों का जल्द समाधान जरूरी है।
संपर्क सभा के बाद दिल्ली पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पुलिस कमिश्नर और वरिष्ठ अधिकारियों ने अलग-अलग रैंक के कर्मचारियों की शिकायतों और चिंताओं को गंभीरता से सुना। पुलिसकर्मियों ने वर्दी के सम्मान, पुलिस बल की गरिमा और शिकायतों के समाधान के लिए व्यवस्थित व्यवस्था बनाने जैसे मुद्दे उठाए।
बयान के मुताबिक, कमिश्नर ने पुलिसकर्मियों के अनुशासन, प्रतिबद्धता और पेशेवर रवैये की सराहना की। उन्होंने कानून व्यवस्था संभालने और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन में पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी तारीफ की। पुलिस कमिश्नर ने भरोसा दिलाया कि पुलिसकर्मियों की जायज शिकायतों को दूर करने और बल का मनोबल बनाए रखने के लिए जल्द उचित कदम उठाए जाएंगे। -एजेंसी इनपुट के साथ