Swatantra Bhardwaj Detained: स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने बुलंदशहर से दबोच लिया है। उसकी तलाश में पुलिस की टीमें दोपहर से ही बुलंदशहर में डेरा डाले हुए थीं। स्वतंत्र भारद्वाज पर दिल्ली के जंतर मंतर में NEET के खिलाफ प्रोटेस्ट के दौरान निशु आजाद के पिता संजय से मारपीट करने का आरोप है।
स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार करने के लिए दिल्ली पुलिस ने कई टीमें लगाई थीं। पुलिस के मुताबिक, जब एक टीम उसकी तलाश में नैथला गांव पहुंची, तब तक वह बुलेट मोटरसाइकिल से खुर्जा की तरफ निकल चुका था। हालांकि, पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। अधिकारियों के अनुसार, पहचान छिपाने के लिए भारद्वाज ने हेलमेट पहन रखा था।
इससे पहले स्वतंत्र भारद्वाज का एक इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई थी। शुक्रवार सुबह कॉकरोच पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के संसद मार्ग थाने का घेराव किया।
वायरल इंटरव्यू में स्वतंत्र ने जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए CJP के धरना-प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट का जिक्र किया था। उसने कथित तौर पर संजय कुमार को गंभीर चोट पहुंचाने का दावा भी किया था। साथ ही इंटरव्यू में यह भी कहा था कि राजनीतिक प्रभाव के चलते उसे जेल नहीं जाना पड़ा।
वीडियो सामने आने के बाद CJP समर्थकों और दलित कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर आरोपी के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया था। पुलिस की ओर से आरोपी के खिलाफ दर्ज केस में POCSO एक्ट, हत्या के प्रयास से संबंधित धारा और SC-ST एक्ट की धाराएं जोड़ने की बात कही गई थी।
इसके साथ ही पुलिस ने 72 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार करने का भरोसा भी प्रदर्शनकारियों को दिया था। इसके बाद पुलिस ने भारद्वाज की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें सक्रिय कीं।
दरअसल, पूरा विवाद स्वतंत्र भारद्वाज के उसी इंटरव्यू के वायरल होने के बाद तेज हुआ था, जिसमें वह जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता के साथ हुई कथित मारपीट का जिक्र करता नजर आया।
इंटरव्यू में किए गए दावों और उसके बाद सामने आई प्रतिक्रियाओं ने मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया। इसके बाद प्रदर्शन, पुलिस पर कार्रवाई का दबाव और आखिरकार भारद्वाज की गिरफ्तारी का घटनाक्रम सामने आया।