दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशंस अब सामान्य, फोटो- सोशल मीडिया 
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IGI एयरपोर्ट अपडेट: ATC सिस्टम में खराबी के बाद हजारों यात्रियों को मिली राहत, जानिए कैसे हुआ काम

Delhi Airport पर ATC सिस्टम की बड़ी तकनीकी समस्या दूर हो गई है। 800 से ज्यादा उड़ानों में देरी के बाद, IGI पर फ्लाइट ऑपरेशंस अब पूरी तरह सामान्य हैंय़ यात्रियों को मिली राहत!

प्रतीक पाण्डेय

Delhi Airport ATC Issue: दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGIA) पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से जुड़ी एक बड़ी तकनीकी समस्या को आखिरकार पूरी तरह से ठीक कर दिया गया है। ऑटोमैटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम (AMSS) के पूरी तरह बहाल होने के बाद उड़ान संचालन (फ्लाइट ऑपरेशंस) अब सामान्य हो गया है, जिससे हजारों यात्रियों और एयरलाइंस दोनों को बड़ी राहत मिली है।

यह गड़बड़ी शुक्रवार को अचानक आई थी। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम में आई इस बड़ी तकनीकी खराबी के कारण AMSS (Automatic Message Switching System) ठप पड़ गया था। AMSS सिस्टम में आई इस समस्या ने उड़ानों के फ्लाइट प्लान मैसेज प्रोसेसिंग को प्रभावित कर दिया था। इस तकनीकी खराबी का तत्काल असर देखने को मिला। उड़ानों का शेड्यूल गड़बड़ा गया और एयर ट्रैफिक कंट्रोल को मजबूरन मैन्युअल मोड पर शिफ्ट होना पड़ा था।

800 से ज्यादा उड़ानें हुईं प्रभावित

AMSS बंद होने से उड़ानों के फ्लाइट प्लान मैसेज प्रोसेस नहीं हो पाए। अधिकारियों ने बताया कि इस तकनीकी गड़बड़ी के कारण गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक 800 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित हुई थीं। सैकड़ों यात्री घंटों तक टर्मिनल पर फंसे रहे। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर शिकायत की कि उन्हें बिना किसी अपडेट के विमान में बैठे-बैठे इंतजार करना पड़ा और कई उड़ानें लगातार रीशेड्यूल (Rishcedule) की जाती रहीं। टर्मिनल 1, 2 और 3 पर यात्रियों की लंबी कतारें देखी गईं।

तकनीकी ग्लिच का विस्तार: AMSS क्यों महत्वपूर्ण?

AMSS सिस्टम के खराब होने से केवल उड़ान प्लान ही प्रभावित नहीं हुए। इसका असर Auto Track System (ATS) को जाने वाले डेटा पर भी पड़ा, जो एयर ट्रैफिक कंट्रोल के लिए फ्लाइट प्लान तैयार करता है। साथ ही, Automatic Terminal Information System (ATIS) की फीड भी बाधित हुई थी, जो देशभर से मौसम संबंधी डेटा इकट्ठा करता है। एविएशन एक्सपर्ट कैप्टन शरथ पनिकर ने बताया कि सिस्टम फेल होने पर फ्लाइट प्लान को सॉफ्टवेयर की बजाय मैन्युअली एंटर करना पड़ता है। यह मैन्युअल प्रक्रिया बहुत समय लेती है, जिससे देरी होना स्वाभाविक है। चूंकि ATIS डेटा भी मैन्युअल रूप से फीड करना पड़ रहा था, इसलिए वेदर अपडेट लेट होने से डिस्पैच में और देरी हो रही थी। उन्होंने आगे जोड़ा कि उड़ान हवा में जाने के बाद ज्यादा दिक्कत नहीं होती, लेकिन उड़ान को टेकऑफ़ तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

सिस्टम बहाल: AAI ने किया बैकलॉग क्लियर

एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने जानकारी दी कि 6 नवंबर को आई तकनीकी खराबी की पहचान कर उसे तुरंत ठीक कर दिया गया है। AAI कर्मचारियों ने OEM के विशेषज्ञों और ECIL टीम के साथ मिलकर सिस्टम को पुनर्स्थापित किया, जिसके बाद ऑटोमेटेड ऑपरेशन पूरी तरह बहाल हो चुके हैं। एयरपोर्ट ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की है कि AMSS अब पूरी तरह ठीक है। एयरपोर्ट की एडवाइजरी में कहा गया है कि तकनीकी समस्या में सुधार हो गया है और दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ान संचालन अब सामान्य है।

AAI ने यह भी स्पष्ट किया कि बैकलॉग (Backlog) भी क्लीयर कर दिया गया है और अब सभी उड़ानें सामान्य रूप से संभाली जा रही हैं। गुरुवार रात और शुक्रवार सुबह प्रभावित होने वाली उड़ानें अब अपने शेड्यूल के अनुरूप संचालित हो रही हैं।

अन्य एयरपोर्ट्स पर भी पड़ा था असर

चूंकि IGI से रोजाना 1,500 से ज्यादा उड़ानें संचालित होती हैं, ATC सिस्टम धीमा होने से दिल्ली एयरस्पेस में भीड़ बढ़ गई। इस भीड़ का असर केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहा; मुंबई, लखनऊ, जयपुर, अमृतसर और चंडीगढ़ जैसे उत्तर भारत के कई एयरपोर्ट्स पर भी उड़ानों में देरी दर्ज की गई। अधिकारियों का कहना है कि अब ऑटोमेटेड ऑपरेशन वापस शुरू हो गए हैं और सभी संबंधित एजेंसियां मिलकर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो।

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