CWC की बैठक सोर्स- (@INCIndia)
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दिल्ली के इंदिरा भवन में CWC की बैठक, CEC को 'मोदी सरकार की कठपुतली' कहा; इस्तीफे की मांग की

CEC Gyanesh Kumar Controversy: दिल्ली के इंदिरा भवन में CWC की बैठक हो रही है। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त पर कार्रवाई के लिए रणनीति पर चर्चा और रणनीति पर बात होगी।

नितिन कुमार राय

CWC Meeting: दिल्ली के इंदिरा भवन में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक हुई। बैठक के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश समेत पार्टी के नेता पहुंचे। पश्चिम बंगाल कांग्रेस के प्रभारी दीपक जोशी भी बैठक के लिए पहुंचे. उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने जो किया है, वह माफ करने लायक नहीं है। यह देशद्रोह की श्रेणी में आता है। अब उन्हें जेल में होना चाहिए। यह भी सच है कि वे बीजेपी नेतृत्व और सरकार के निर्देश पर ये काम कर रहे थे।

CEC मोदी सरकार की कठपुतली बन गए

बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हुए कहा कि एक साजिश के तहत वोटर लिस्ट से नाम हटाए जा रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त मोदी सरकार की 'कठपुतली' बन गए हैं।

आगे उन्होंने कहा कि PM मोदी ने युवाओं को वोट देने के अधिकार से वंचित करने की 'साजिश' रची है। 'फॉर्म 6' से जुड़े नियमों में गैर-कानूनी तरीके से बदलाव किए गए हैं। मल्लिकार्जु खड़गे ने वोटर लिस्ट में किए गए हर बड़े बदलाव से जुड़ा पूरा डेटा सार्वजनिक करने की मांग की है।

इंदिरा भवन में CWC की बैठक

पद पर रहने का अधिकार नहीं: खरगे

बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष ने CEC पर आरोप लगाते हुए कहा कि पूरा देश अब जानता है कि CEC की लगातार कोशिशों का मकसद सत्ताधारी पार्टी को फायदा पहुंचाना रहा है। इसलिए CEC ज्ञानेश कुमार को पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है और उन्हें तुरंत हटाया जाना चाहिए। CWC की बैठक में CEC पर PM के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। आगे कहा कि PM को खुद नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए।

CWC की बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

डेटा किया जाए सार्वजनिक

CWC की बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार ने हमारे पूर्वजों द्वारा बनाई गई मजबूत लोकतांत्रिक नींव को व्यवस्थित रूप से खोखला कर दिया है। खड़गे का कहना है कि राजनीतिक दलों को सही समय पर आसान फॉर्मेट में वोटर लिस्ट और जरूरी डेटा उपलब्ध कराया जाना चाहिए। साथ ही गंभीर गड़बड़ियों के सबूत मिलने पर निष्पक्ष और समय-सीमा के भीतर जांच की मांग की।

मीडिया रिपोर्ट के बाद हंगामा

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में SIR और चुनावी मामलों से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्तियां जताई थीं। इन आपत्तियों में फॉर्म 6, वोटर लिस्ट से नाम हटाने और वोटर लिस्ट के डेटाबेस तक पहुंच जैसे मुद्दे शामिल थे। रिपोर्ट आने के बाद देश की सियासत गर्म हो गई है। विपक्षी पार्टियां चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठा रही हैं।

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