कालाबुरागी: देश में हिंदू और हिंदू धर्म को लेकर इन दिनों खूब बायनबाजी हो रही है। हिंदू ग्रंथ रामचरितमानस (Ramcharitmanas) पर भी जमकर टिप्पणी हो रही है। देश में ऐसे दो वर्गों में लोग बंट गए हैं। एक वर्ग इसके समर्थन में है तो दूसरा इसके विरोध में है। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक नेताओं में बयानबाजी चल रही है। इसी बीच कर्नाटक (Karnataka) के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सिद्धारमैया (Siddaramaiah) ने एक विवादित बयान दे दिया है। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व संविधान के खिलाफ है।
कर्नाटक के कालाबुरागी में उन्होंने कहा कि हिंदुत्व और हिंदू धर्म अलग-अलग हैं। मैं हिंदू धर्म के खिलाफ नहीं हूं। मैं एक हिंदू हूं लेकिन मनुवाद और हिंदुत्व का विरोध करता हूं। कोई भी धर्म हत्या और हिंसा का समर्थन नहीं करता है लेकिन हिंदुत्व और मनुवाद हत्या, हिंसा और भेदभाव का समर्थन करते हैं।
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इससे पहले कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने एलान किया था कि इस बार होने वाला विधानसभा चुनाव उनका आखिरी चुनाव होगा। उनके इस बयान को कांग्रेस के सीएम कैंडिडेट बनने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, कर्नाटक में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि रिटायरमेंट के बाद भी वह राजनीति में काम करना जारी रखेंगे।
बता दें कि कर्नाटक में मई 2023 के पहले विधानसभा चुनाव होने हैं। 224 सदस्यों वाली राज्य की विधानसभा का कार्यकाल 24 मई 2023 को पूरा हो रहा है। इसके पहले 2018 में राज्य में चुनाव हुए थे। तब कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) ने मिलकर सरकार बनाई थी और एचडी कुमार स्वामी मुख्यमंत्री बने थे। बताया जा रहा है कि सिद्धारमैया इस तरह के बयान वोट हासिल करने के लिए दे रहे हैं।