Shashi Tharoor at Jantar Mantar Protest: दिल्ली में सोमवार को जंतर-मंतर पर संसद चलो विरोध प्रदर्शन के बाद मंगलवार को कांग्रेस के नेता भी शामिल हुए। कॉकरोच जनता पार्टी के 'संसद चलो' मार्च के दौरान पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में लोक कल्याण मार्ग की ओर मार्च कर रहे थे। राहुल गांधी काफी देर तक सड़क पर डटे रहे और हटने से इनकार कर दिया। उन्हें कई पुलिसकर्मियों ने घेर लिया और फिर विपक्ष के दूसरे नेताओं के साथ पुलिस की गाड़ी में ले जाया गया।
यह विरोध प्रदर्शन संसद तक सीजेपी के मार्च में पुलिस के दखल के एक दिन बाद हुआ। इस विरोध प्रदर्शन प्रदर्शन में राहुल गांधी के साथ सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई कांग्रेस नेता शामिल थे। हालांकि, इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर नदारद रहे। शशि थरूर के प्रदर्शन में न शामिल होने को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे और सवाल उठ रहे थे कि आखिर इतने बड़े प्रदर्शन में वे शामिल क्यों नहीं हुए।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अपने शामिल न होने की वजह साफ कर दी। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बताया कि वे एक मीटिंग में थे, जिसके कारण वे कांग्रेस सांसदों के साथ प्रदर्शन में हिस्सा नहीं ले सकें। उन्होंने कहा, "जो हुआ वह बिल्कुल गलत है। लोकतंत्र में ऐसा नहीं होना चाहिए। हमें जनता के मुद्दों और मांगों को उठाना चाहिए।"
जब कांग्रेस सांसद शशि थरूर जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन वाली जगह पर पहुंचे, तो उन्होंने कहा, "विपक्ष के नेता को जबरदस्ती खींचकर ले जाना और हिरासत में लेना, और दूसरे सांसदों के साथ भी ऐसा ही करना। सच कहूं तो इस घटना ने हमारे देश में हर किसी का दिल और जमीर झकझोर दिया है। मैं यहां विरोध कर रहे छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने आया हूं, इसलिए उनसे मिलने आया हूं। मुझे लगता है कि विरोध करना एक लोकतांत्रिक अधिकार है। यह अहिंसक विरोध है।"
शशि थरूर ने कहा, "कोई भी कानून के खिलाफ कुछ करने की कोशिश नहीं कर रहा है। इसलिए मुझे समझ नहीं आता कि सरकार इतनी असंवेदनशीलता से क्यों पेश आ रही है। बेरहमी से लाठीचार्ज, पुलिस का भयानक व्यवहार और आज विपक्ष के नेता राहुल गांधी को जबरदस्ती खींचकर ले जाना मुझे लगता है कि इन सबने देश के कानून का पालन करने वाले नागरिकों को बहुत निराश किया है।"
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उन्होंने आगे कहा, "हम अपनी सरकार से ऐसी उम्मीद नहीं करते कि वह विरोध प्रदर्शनों, असहमति रखने वालों और न्याय की मांग करने वाले लोगों के साथ ऐसा व्यवहार करे। आखिरकार, इन युवा छात्रों ने अपनी परीक्षाओं के लिए कड़ी मेहनत की थी, खूब पढ़ाई की थी और सिस्टम ने उन्हें धोखा दिया। सिस्टम को चलाने वाली सरकार ने उन्हें धोखा दिया और उन्हें विरोध करने का पूरा अधिकार है। सरकार को जवाबदेह होना चाहिए। सरकार पुलिस की कार्रवाई और वह भी बहुत बेरहम पुलिस कार्रवाई की आड़ में अपनी जवाबदेही की कमी को छिपा नहीं सकती।"
https://twitter.com/ShashiTharoor/status/2079628258321313852
शशि थरूर ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और विपक्ष के अन्य नेताओं को जबरदस्ती हिरासत में लेना हमारे लोकतंत्र का गंभीर अपमान है। शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के खिलाफ शारीरिक हिंसा पूरी तरह से अनुचित है। एक जवाबदेह सरकार असहमति की बात सुनती है, वह पुलिस की कार्रवाई से उसे दबाती नहीं है। हमारा संविधान ऐसे भारत की कल्पना नहीं करता। हमें कभी भी इस शर्मनाक व्यवहार को सामान्य बात नहीं बनने देना चाहिए।"