Gyanesh Kumar On Lection Commission: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस ने अपना विरोध तेज कर दिया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आरोपों के बाद अब कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) समेत चुनाव आयोग के कई फैसलों में संवैधानिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और ज्ञानेश कुमार को नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए।
कांग्रेस ने 25 सितंबर को सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटियों को राज्य चुनाव आयोग कार्यालयों तक विरोध मार्च निकालने का निर्देश दिया है, जबकि 28 सितंबर को जिला स्तर पर भी प्रदर्शन की घोषणा की गई है। चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर इस रिपोर्ट में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
विरोध प्रदर्शन के दूसरे चरण में, सभी जिला कांग्रेस कमेटियां (DCCs) सोमवार, 28 सितंबर को अपने-अपने जिला कलेक्ट्रेट तक इसी तरह के बड़े विरोध मार्च आयोजित करेंगी।
वेणुगोपाल ने कहा कि ज्ञानेश को पद से हटना ही होगा और उनके सभी फैसलों को पलटना होगा। जब तक उन्हें हटाया नहीं जाता, जेल नहीं भेजा जाता और हमारी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक हमारा विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।
कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने हालिया मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए।
उनका दावा है कि चुनाव आयोग में कुछ फैसले संवैधानिक प्रक्रिया का पालन किए बिना लिए गए। इसी आधार पर उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। यह कांग्रेस का आरोप है।
वेणुगोपाल ने कहा कि सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटियों (PCCs) को 25 सितंबर को अपने-अपने राज्यों में चुनाव आयोग के कार्यालयों तक विरोध मार्च निकालने का निर्देश दिया गया है।
कांग्रेस ने इस प्रदर्शन के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और उनके कार्यकाल में लिए गए फैसलों तथा मतदाता सूची में हुए बदलावों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
कांग्रेस का कहना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यकाल में लिए गए निर्णयों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए और आरोपों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली चुनावी प्रक्रिया को कमजोर कर रही है।
उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मतदाता पंजीकरण, नाम हटाने और चुनावी आंकड़ों तक पहुंच से जुड़े कुछ निर्णयों पर आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
वेणुगोपाल ने दावा किया कि गोवा में SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए।
उनके अनुसार, 38 निवासियों की शिकायत पर राज्य स्तर पर नाम दोबारा जोड़ने की सिफारिश की गई, लेकिन चुनाव आयोग ने उसे मंजूरी नहीं दी। यह कांग्रेस का आरोप है।
वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर चुनाव प्रणाली को अपने नियंत्रण में लेने की साजिश का आरोप लगाया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि मतदाता सूचियों का तकनीकी नियंत्रण दिल्ली स्थित चुनाव आयोग के आईटी विभाग के पास होने के कारण केंद्रीय स्तर पर हेरफेर की आशंका है। ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं।